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सीएम ग्रिड की सड़क में गड़बड़ी: निगम के इंजीनियरों पर उठे सवाल, अवर अभियंताओ से जवाब-तलब

Thu, 22 Oct 2026 11:00 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 22 Oct 2026 11:00 AM IST
सार

मेरठ में CM ग्रिड की सड़कों और नालों के निर्माण में अनियमितता पर नगर निगम ने निर्माण कंपनियों पर जुर्माना लगाया। संबंधित अवर अभियंताओं से जवाब मांगा गया है। IGRS शिकायतों के निस्तारण पर भी अधिकारियों ने नाराजगी जताई।

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Meerut News: Questions Raised Over CM Grid Road Quality, Junior Engineers Asked to Explain; Municipal Corporat
सीएम ग्रिड योजना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सीएम ग्रिड की सड़क-नाला में अनियमितता होने पर ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा रहा हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागीय अवर अभियंता पर कार्रवाई नहीं करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण कंपनी पर जुर्माना लगाने पर उन्होंने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाया।संबंधित अवर अभियंताओं से जवाब तलब किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क का निर्माण हो रहा था तब अभियंताओं ने गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की। 

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कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक सड़क निर्माण, शारदा रोड और वेस्टर्न कचहरी रोड सहित कई सड़क निर्माण पर अनियमितता मिलने पर जुर्माना नगर निगम ने लगा दिया। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क-नाला निर्माण के गुणवत्ता देखने के लिए निगम के चार अवर अभियंता को जिम्मेदारी है। 
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अधिशासी अभियंता  और मुख्य अभियंता निर्माण लगातार मॉनीटरिंग करेंगे। इसके बावजूद सड़क की गुणवत्ता और प्रगति पर सवाल उठे हैं। सड़कों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी होती है तो योजना के उद्देश्य पर असर पड़ना तय है। 
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आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना कि सीएम ग्रिड की सड़क-नाला और डिवाइडर निर्माण में अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित अवर अभियंताओं से भी जवाब तलब किया जा रहा हैं।

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मेरठ नगर निगम में आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। शिकायतों के समाधान के बाद मिल रहे असंतोषजनक फीडबैक की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल कागजों पर कार्रवाई दिखाकर शिकायतों का निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या को समझकर उसका वास्तविक समाधान करना होगा। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर बुधवार को नगर निगम में आयोजित बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए गए।

शिकायतों के निस्तारण पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर बुधवार को मेरठ नगर निगम में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। बैठक में अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार और राजेश कुमार के साथ डीएम की ओर से नामित सिटी मजिस्ट्रेट तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज मौजूद रहे।

बैठक में निगम से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के बाद मिल रहे असंतोषजनक फीडबैक पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने संबंधित विभागीय कर्मचारियों के कामकाज पर नाराजगी जताई और कहा कि शिकायतों को निपटाने की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है।

कागजों में नहीं, मौके पर होना चाहिए समस्या का समाधान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण केवल कागजों में दिखाकर औपचारिकता पूरी नहीं की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से समझना और उसे वास्तविक राहत देना प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उसकी स्थिति की जांच करें। समस्या के समाधान के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार उसी परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और मौके पर की गई कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए।
 

खराब फीडबैक वाले विभागों और पटलों पर विशेष नजर
बैठक में नगर निगम के उन विभागों और पटलों की विशेष रूप से समीक्षा की गई, जहां से सबसे अधिक असंतोषजनक फीडबैक मिल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित कर्मचारी शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी समस्या को समझें और समाधान के बाद वास्तविक फीडबैक दर्ज करें।

उन्होंने साफ किया कि केवल रिपोर्ट लगाकर शिकायत को निस्तारित दिखाना स्वीकार्य नहीं होगा। कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे समस्या का स्थायी समाधान हो और शिकायतकर्ता भी संतुष्ट रहे।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए। बैठक में जोर दिया गया कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक प्रक्रिया न रहे, बल्कि लोगों को उनकी समस्याओं से वास्तविक राहत मिले।

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