बदलाव: अब सिर्फ हॉलमार्किंग वाले ही बिकेंगे गहने, ऐसे करें आभूषण की परख, ये होंगी नए नियमों की खास बातें
अब नए नियम के बाद सिर्फ हॉलमार्किंग वाले गहने ही बिकेंगे। इससे व्यापारियों में खुशी है। वे काफी समय से ये मांग कर रहे थे। जानिए नए नियमों की खास बातें क्या हैं।
विस्तार
सोने के आभूषणों में ग्राहकों को अब गुणवत्ता से समझौता नहीं करना पड़ेगा। हॉलमार्किंग युक्त सोने की बिक्री शहर में अनिवार्य हो गई है। सराफा कारोबारियों ने भारत मानक ब्यूरो (बीआईएस) में लाइसेंस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहर में बुधवार को 20 से अधिक कारोबारियों के यहां हॉलमार्किंग वाले आभूषण ही बेचे गए। नई व्यवस्था में सोने के 14, 18 और 22 कैरेट के साथ 20, 23 और 24 कैरेट के गहने भी बिकेंगे। कोई भी सराफ 14 कैरेट की ज्वैलरी को 23 कैरेट की नहीं बता पाएगा।
आभूषण पर अंकित होगी संपूर्ण जानकारी
आभूषण पर पहले बीआईएस का लोगो लगा होगा। इसके बाद कैरेट होगा जो सोने की शुद्धता को दर्शाएगा। सराफ द्वारा दिए गए आभूषण में उस हॉलमार्किंग सेंटर का भी लोगो होगा, जहां आपको दिए जा रहे आभूषण की जांच की गई है। अंत में उस सराफ का मार्क होगा।
ऐसे करें आभूषण की परख
- आभूषण खरीदने से पूर्व लेंस से हॉलमार्किंग जांचे।
- व्यापारी के यहां आभूषण की तोल करें।
- ग्राहक आभूषण का पक्का बिल लें।
- हॉलमार्किंग सेंटर में 35 रुपये में कराएं शुद्धता की जांच।
यहां हैं हॉलमार्किंग सेंटर
- हीरा हॉलमार्किंग सेंटर, कागजी बाजार
- कैप्स हॉलमार्किंग सेंटर, कागजी बाजार।
- पीएस हॉलमार्किंग सेंटर, नील गली।
- मीरा हॉलमार्किंग सेंटर, सदर।
- श्रीजी हॉलमार्किंग सेंटर, कागजी बाजार।
- सोनू हॉलमार्किंग सेंटर, कागजी बाजार
- अमेज हॉलमार्किंग सेंटर, नील गली।
- टीएम हॉलमार्किंग सेंटर, नील गली।
- बालाजी हॉलमार्किंग सेंटर, सदर।
घर में रखे पुश्तैनी सोने की कराएं हॉलमार्किंग
- ग्राहक अपने घर में रखे पुश्तैनी आभूषणों की भी हॉलमार्किंग करा सकते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न में चल और अचल संपत्ति का भी विवरण होता है। सराफ की मदद से कोई भी ग्राहक अपने आभूषणों की हॉलमार्किंग करा सकता है। ऐसे में ग्राहक को अपने घर में रखे आभूषण की कीमत का भी सही आंकलन हो जाएगा। पुश्तैनी आभूषण अगर 14, 18, 20, 22, 23, 24 कैरेट में हुई तो हॉलमार्किंग हो जाएगी। 19 कैरेट के गहने होने पर उसे 18 कैरेट में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए हॉलमार्किंग न कराना ही उचित होगा। हॉलमार्किंग सेंटर पर जाकर कोई भी शुद्धता की जांच करा सकता है।
नए नियमों की ये होंगी खास बातें
1- व्यापारी के लिए रजिस्ट्रेशन फीस नहीं है और सिर्फ एक ही बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
2- 40 लाख से कम वार्षिक टर्नओवर वाले सराफ को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी।
3- कुंदन, जड़ाऊ, पोलकी, घड़ी और फाउंनटेन पैन को हॉलमार्किंग से बाहर रखा गया है।
4- 31 अगस्त 2021 तक सराफ को अपना स्टॉक बीआईएस के मानक अनुरूप करना होगा।
5- ज्वैलरी पर किसी स्तर पर एचयूआईडी लागू नहीं होगा।
6- ग्राहक को आभूषण देते समय ही हॉलमार्किंग की आवश्यकता होगी।
ये हैं शुद्धता के मानक
14 कैरेट: 58.5 प्रतिशत शुद्धता।
18 कैरेट: 75.0 प्रतिशत शुद्धता।
20 कैरेट: 83.3 प्रतिशत शुद्धता।
22 कैरेट: 91.6 प्रतिशत शुद्धता।
23 कैरेट: 95.8 प्रतिशत शुद्धता।
24 कैरेट: 99.9 प्रतिशत शुद्धता।
व्यापारियों की मांग हुई स्वीकार
- व्यापारियों की सारी मांगों को सरकार ने मान लिया है। अब ग्राहकों का सराफ के प्रति विश्वास दोगुना हो जाएगा। - डॉ. संजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, यूनाइटेड ज्वैलर्स एवं मैन्यूफक्चर्स फेडरेशन।
20 कैरेट को मिली स्वीकृति
- शहर के व्यापारियों की सबसे बड़ी मांग 20 कैरेट गोल्ड को हॉलमार्किंग में शामिल करने की थी। सरकार ने इसे स्वीकृति दे दी है। - आकाश मांगलिक, उपाध्यक्ष, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन।
सराफ ने शुरू किया रजिस्ट्रेशन
- शहर के सराफ व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू कर दिया है। बिना हॉलमार्क ज्वैलरी भी व्यापारी अपने ग्राहकों से खरीद सकते हैं। - विजय आनंद अग्रवाल, महामंत्री, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन।
एचयूआईडी से मिली राहत
- सरकार ने व्यापारियों को राहत देकर लगभग सभी समस्याएं दूर कर दी हैं। गिरवी रखे आभूषणों के संबंध में नोटिफिकेशन में क्लीयर हो जाएगा। - रवि प्रकाश अग्रवाल, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर, ऑल इंडिया जेम्स एवं ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल