एमडीए में अधिशासी अभियंता बनकर काट दी रसीद, करोड़ों का घोटाला कर फरार है मेट डालचंद
शनिवार को गंगानगर निवासी ब्रिगेडियर आरके गुप्ता भी अनुरक्षण शुल्क में गड़बड़ी को लेकर एमडीए सचिव से मिले। अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर कर मेट डालचंद ने उनकी भी हजारों रुपये की रसीद काट दी।
14 अगस्त 2012 में 27688 रुपये जमा किए गए। लेकिन यह रसीद मेट डालचंद ने फर्जी काट दी। जिसका कोई अता-पता नहीं चल सका है। एमडीए ने मेट डालचंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। डालचंद का फोटो भी एमडीए ने अपने सूचना पट पर अंकित की है।
घर-घर से मांगी जा रही सूचना
अनुरक्षण शुल्क मामले में आवंटियों को राहत देते हुए एमडीए ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह कर्मचारी घर-घर जाकर डाटा ले रहे हैं। जिसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर उनका अनुरक्षण शुल्क भेजा जाएगा।
वहीं, जमा करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी जाएगी। हालांकि, इस मामले में भी कर्मचारियों को कई दिक्कतें आ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, गंगानगर में रहने वाले लोग डाटा देने में आनाकानी कर रहे ह्रैं, जिससे एमडीए की ऑनलाइन योजना को झटका लग सकता है।
मिली हैं शिकायतें
ऐसी शिकायत आई है कि मेट डालचंद अधिशासी अभियंता बनकर रसीद काट रहा था। रोजाना अनुरक्षण शुल्क में शिकायतें आ रही हैं। हालांकि, एमडीए अब डाटा एकत्र कर इसे ऑनलाइन करने जा रहा है। - प्रवीणा अग्रवाल, एमडीए सचिव