मेरठ की इस जगह के बारे में सुनकर और पढ़कर भले ही आश्चर्य हो, लेकिन यह हकीकत है। कि यहां सैनिकों का प्रवेश वर्जित है। कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया में लगा यह बोर्ड चर्चाओं का विषय बना हुआ है। कई बार इस बोर्ड के ऊपर पोस्टर लगाये गये तो कभी हटा दिए जाते हैं। लेकिन यह बोर्ड किसने लगवाया और आखिर क्यों, इसका किसी के पास जबाव नहीं है।
मेरठ में एक ऐसी जगह, जहां सैनिकों के लिए प्रवेश वर्जित है...
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आपको बता दें कि संबंधित थाना पुलिस हो या फिर पुलिस अफसर इस बोर्ड के बारे में पूछे जाने पर खुद पल्ला झाड़ लेते हैं। कबाड़ी बाजार में देहलीगेट और ब्रहमपुरी थाने की सीमा लगती है।
पुलिस की मानें तो यहां 350 से ज्यादा कोठे हैं। जहां पर देह व्यापार का धंधा चलता है। सड़क के दोनों तरफ नीचे व्यापारियों की दुकानें हैं तो ऊपर कोठे बने हुए है। वैसे तो इन्हें नगर वधू कहा जाता है, लेकिन इनका धंधा कुछ और होता है। कई बार पुलिस और एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम कई बार लड़कियों को रेस्क्यू करा चुकी है।
वहीं पुलिस की मानें तो एक साल में यहां से बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, दिल्ली और पूर्वांचल, उत्तराखंड की लड़कियों को भी रेस्क्यू कराया गया है। जहां से नाबालिग लड़कियों को अपहरण कर कोठे पर बेचकर इस धंधे में धकेल दिया जाता है। जब भी पुलिस किसी एनजीओ की शिकायत पर छापा मारती है तो कोठा संचालिका पर तो कार्रवाई होती है साथ ही एक कोठे से कई कई ग्राहक भी पकड़े जाते रहे हैं।
कोठे पर मौजूद लड़कियां यहां आने जाने वाले लोगों को इशारा कर या आवाज लगाकर बुलाते दिखाई पड़ती हैं। लेकिन बीच चौराहे के पास जो बोर्ड लगा है उस पर लिखा है कि सैनिकों के लिए प्रवेश निषेध क्षेत्र है।
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