{"_id":"5d367fac77f27406ecf79a8234ee0705","slug":"meerut-news-hindi-news-118","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में जलसा और संगम, पटरी से उतरा ट्रैफिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में जलसा और संगम, पटरी से उतरा ट्रैफिक
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को जलसा और संगम से शहर का ट्रैफिक पटरी से उतर गया। ये दोनों धार्मिक आयोजन शहर के बीचोबीच थे। इस दौरान ट्रैफिक विभाग ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया। नतीजा यह रहा कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक लोड बढ़ने से गली-मोहल्ले जाम हो गए। भैसाली बस अड्डा जाने के लिए लोगों को दो से तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। दिन भर लोग फजीहत झेलते रहे। पुलिस वालों की खरी खोटी सुनी सो अलग। गनीमत रही कि दिन स्कूलों की छुट्टी थी। वरना मुश्किलें और भी आ सकती थी।
विज्ञापन
स्थान : बेगमपुल चौराहा
दोपहर : 1:30 बजे
शहर का प्रमुख चौराहा बेगमपुल जाम था। कई बसें, ऑटो, दोपहिया वाहन और रिक्शा जाम में फंसे थे। जीरो माइल तिराहा तक बुरा हाल था। दिल्ली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत आदि जगहों से आने वाली बसों को सदर बाजार तिराहा पर ही रोक दिया गया था। रूट डायवर्जन होने से ऑटो और सिटी बसें के पहिये थम गए, जिसके चलते यात्रियों को भैसाली बस अड्डा की दूरी पैदल ही नापनी पड़ी। भारी बैग और सामान लिए महिलाएं और बच्चे परेशान होते दिखाई दिए।
विज्ञापन
स्थान : घंटाघर-खैरनगर चौराहा
स्थान :2:45 बजे
घंटाघर पर बैरियर डालकर पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया। आई-20 कार में सवार संजीव गर्ग ने पुलिसकर्मियों से कहा कि कार में दूल्हा है। सदर में बारात जानी है, लेकिन पुलिस वालों ने कह दिया कि रास्ता बंद है। छह बजे के बाद जाना। काफी कहासुनी के बावजूद पुलिस वाले नहीं माने। इस बीच खैर नगर चौराहे से घंटाघर तक जाम लग गया। इसके बाद बच्चा पार्क इलाके से भी घंटाघर जाने वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया गया। खैर नगर बाजार भी पूरी तरह जाम रहा।
विज्ञापन
स्थान : बच्चा पार्क तिराहा
समय : 3:15 बजे
एक दरोगा, आठ पुलिसकर्मी और पीएसी जवान यहां बीच सड़क पर कुर्सी और बैंच डालकर बैठे थे। तभी सवारियों से भरा टेंपो खैर नगर की ओर जाने लगा। पुलिस वालों ने उसे धमकाकर रोक लिया। टेंपो सवार महिलाएं और बच्चे निकलने की गुजारिश करने लगे तो पुलिस वाले भड़कते हुए बोले तुम कोई वीआईपी हो जो जाने दें। सवारियां वहां से पैदल ही निकलीं। इस दौरान एक रिक्शा वाला भी पुलिस वालों के गुस्से का शिकार बना।
स्थान : मेट्रो प्लाजा
समय : 3:45 बजे
दिल्ली रोड और बागपत रोड से आने वाले वाहनों के कारण जाम लगा था। फुटबाल चौक के निकट करीब 40-50 सवारियां बागपत जाने वाली बस का इंतजार कर रही थीं। बागपत के डौलचा गांव की वृद्धा वेदवती ने बताया कि वह सवा दो बजे से खड़ी है, लेकिन बस ही नहीं आई। दूसरे यात्रियों ने बताया कि पुलिस ने छोटे-बड़े सभी वाहन बंद करा दिए हैं। अब कैसे जाएं।
बागपत रोड बाईपास
समय : 4:10 बजे
बागपत से आने वाली बसों और वाहनों को आगे शहर में नहीं जाने दिया गया। ऑटो भी रोक दिया गया। उन्हें कंकरखेड़ा होते हुए बेगमपुल की ओर भेजा गया। शहर में आने के लिए कई लोगों को 15 से 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। कई लोगों को तीन से पांच किमी पैदल चलना पड़ा।
जाम में फंसी बसें, यात्री हलकान
मेरठ। जमीयत उलेमा के जलसे के चलते रूट डायवर्जन के बावजूद रोडवेज बसे जाम में फंस गई। दिल्ली और बागपत की ओर जाने वाले यात्रियों को जहां भैसाली बस अड्डे पर घंटो बस का इंतजार करना पड़ा। वहीं बाईपास पर भी जाम के चलते भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जलसे के चलते दिल्ली और बागपत रूट को बंद कर दिया गया था। यहां से निकलने वाली रोडवेज बसों को वाया बाईपास संचालन किया गया। भारी जाम के चलते बसों का संचालन पूरी तरह प्रभावित होने से रोडवेज को करीब दस लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।