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एमडीए का किसानों को सीधा ऑफर
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 11 Feb 2016 02:06 AM IST
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नए साल के लिए जो प्लान बनाया जा रहा था, एमडीए ने उसे अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण क्षेत्र में कहीं भी एमडीए जमीन खरीदने को तैयार है। किसान सर्किल रेट पर प्राधिकरण को अपनी जमीन बेच सकते हैं। वीसी राजेश कुमार ने बुधवार को निर्देश जारी कर दिए।
इरादा यह है कि जहां भी सही जमीन मिले वहां एमडीए टाउनशिप विकसित कर सके। इस बाबत अधिकारी भी किसानों से बात करेंगे। पुरानी योजनाओं से सबक लेकर अब एमडीए सीधे निजी डेवलपर्स के स्टाइल में काम करने के मूड में आ गया है।
एक पंथ दो काज की राह पर एमडीए
लंबे समय से एमडीए ने ऐसी कोई योजना लांच नहीं की है, जिसे आनन-फानन में बेचकर एमडीए को तगड़ा मुनाफा हुआ हो। हालत यह है कि एमडीए के पास जिस मद से सबसे ज्यादा धन आना चाहिए था, वह मद बिल्कुल ठंडा पड़ा है। आय है नहीं और व्यय ज्यादा हो रहा है।
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हालत यह होती जा रही है कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी संकट खड़ा होने वाला है। उधर, किसान जमीन भी नहीं दे रहे हैं। अधिग्रहण के खेल में किसान और प्राधिकरण ऐसा उलझ जाता है कि कई साल विवाद ही चलता रहता है। इसी अधिग्रहण ने एमडीए को यह नया प्लान बनाने को तैयार किया।
पांच एकड़ पर बन जाएगी टाउनशिप
एमडीए ने किसानों को सीधा ऑफर कर दिया है। वीसी द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक किसी भी जगह के किसान यदि एमडीए को अपनी जमीन बेचना चाहते हैं तो एमडीए इसके लिए तैयार है। सर्किल रेट पर जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान को आवेदन करना होगा।
आवेदन पत्र एमडीए की वेबसाइट पर डाल दिया गया है। साथ ही कहा है कि ऐसे इच्छुक विक्रेता योजना प्रभारी पीएस मिश्रा से संपर्क कर सकते हैं। सीधा बैनामा होगा और कोई झंझट नहीं।
एमडीए का मानना है कि यदि पांच एकड़ जमीन तक कहीं एक साथ जमीन मिल गई तो एक नई टाउनशिप विकसित हो सकेगी। इस पर एमडीए आनन-फानन में इस काम को अंजाम दे सकेगा। बिजली बंबा बाईपास को सबसे मुफीद माना जा रहा है।
जुर्रानपुर फाटक पर भी होगी बात
जुर्रानपुर फाटक परहवा में बने पुल को जोड़ने के लिए जगह चाहिए। इस बाबत भी वीसी ने तहसीलदार मांगेराम चौहान को लगाया है। वहां भी किसानों से बात की जाएगी।
यहां भी एमडीए सीधी जमीन खरीदने का ही प्लान बना रहा है। यह एमडीए का अहम लक्ष्य है और जल्द ही इसे पूरा करने की बात कही जा रही है।
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इरादा यह है कि जहां भी सही जमीन मिले वहां एमडीए टाउनशिप विकसित कर सके। इस बाबत अधिकारी भी किसानों से बात करेंगे। पुरानी योजनाओं से सबक लेकर अब एमडीए सीधे निजी डेवलपर्स के स्टाइल में काम करने के मूड में आ गया है।
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एक पंथ दो काज की राह पर एमडीए
लंबे समय से एमडीए ने ऐसी कोई योजना लांच नहीं की है, जिसे आनन-फानन में बेचकर एमडीए को तगड़ा मुनाफा हुआ हो। हालत यह है कि एमडीए के पास जिस मद से सबसे ज्यादा धन आना चाहिए था, वह मद बिल्कुल ठंडा पड़ा है। आय है नहीं और व्यय ज्यादा हो रहा है।
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हालत यह होती जा रही है कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी संकट खड़ा होने वाला है। उधर, किसान जमीन भी नहीं दे रहे हैं। अधिग्रहण के खेल में किसान और प्राधिकरण ऐसा उलझ जाता है कि कई साल विवाद ही चलता रहता है। इसी अधिग्रहण ने एमडीए को यह नया प्लान बनाने को तैयार किया।
पांच एकड़ पर बन जाएगी टाउनशिप
एमडीए ने किसानों को सीधा ऑफर कर दिया है। वीसी द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक किसी भी जगह के किसान यदि एमडीए को अपनी जमीन बेचना चाहते हैं तो एमडीए इसके लिए तैयार है। सर्किल रेट पर जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए किसान को आवेदन करना होगा।
आवेदन पत्र एमडीए की वेबसाइट पर डाल दिया गया है। साथ ही कहा है कि ऐसे इच्छुक विक्रेता योजना प्रभारी पीएस मिश्रा से संपर्क कर सकते हैं। सीधा बैनामा होगा और कोई झंझट नहीं।
एमडीए का मानना है कि यदि पांच एकड़ जमीन तक कहीं एक साथ जमीन मिल गई तो एक नई टाउनशिप विकसित हो सकेगी। इस पर एमडीए आनन-फानन में इस काम को अंजाम दे सकेगा। बिजली बंबा बाईपास को सबसे मुफीद माना जा रहा है।
जुर्रानपुर फाटक पर भी होगी बात
जुर्रानपुर फाटक परहवा में बने पुल को जोड़ने के लिए जगह चाहिए। इस बाबत भी वीसी ने तहसीलदार मांगेराम चौहान को लगाया है। वहां भी किसानों से बात की जाएगी।
यहां भी एमडीए सीधी जमीन खरीदने का ही प्लान बना रहा है। यह एमडीए का अहम लक्ष्य है और जल्द ही इसे पूरा करने की बात कही जा रही है।