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बड़ा घोटाला: आखिर नौ साल बाद दबोचा गया प्रोजेक्ट मैनेजर, विद्यालय के निर्माण में किया था तीन करोड़ का घोटाला
Tue, 28 Sep 2021 10:07 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 28 Sep 2021 10:07 PM IST
सार
तीन करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में नामजद प्रोजेक्ट मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के भवन निर्माण में यह घोटाला किया गया था।
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- फोटो : pixabay
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विस्तार
ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने तीन करोड़ के घोटाले में नामजद प्रोजेक्ट मैनेजर को नौ साल बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि बिजनौर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के भवन निर्माण में यह घोटाला किया गया था।
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बिजनौर में 2012 में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण का ठेका यूपी सहकारी विद्यालय व विकास लिमिटेड इकाई बिजनौर को दिया गया था। इस संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेंद्र सिंह निवासी बजरंगपुर निगवारा बांदा पर तीन करोड़, तीन लाख, 91 हजार का घोटाले करने का आरोप था। जिसका मुकदमा बिजनौर कोतवाली में दर्ज हुआ था।
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बता दें कि 2014 से इस मामले की विवेचना ईओडब्ल्यू मेरठ द्वारा की जा रही थी। जांच पड़ताल के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने नामजद धर्मेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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एसपी ईओडब्ल्यू स्वप्निल ममगई ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ काफी सबूत जुटाए गए, जिसके बाद गिरफ्तार की गई है। नामजद आरोपी इस निर्माण को अधूरा छोड़कर भाग गए थे। इस मामले में शासन से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। ईओडब्ल्यू की टीम के साथ बिजनौर पुलिस भी थी। ईओडब्ल्यू ने धर्मेंद्र को बिजनौर पुलिस को सौंप दिया है।