रात भर तड़पता रहा मरीज, फिर युवक ने पुलिस चौकी पहुंचकर मचाया शोर, बोला- मुझे कोरोना है
- मेरठ में रात भर तड़पता रहा कोरोना का मरीज
- पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बावजूद भी विभाग ने नहीं भेजी एंबुलेंस
- कोरोना का शोर मचने पर युवक को मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में कराया भर्ती
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही शहर पर भारी पड़ती नजर आ रही है। शनिवार को सराय बहलीम का जो 32 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित मिला था, वह रात भर तड़पता रहा। पहले तो देरी से रिपोर्ट आई और उसके बाद रिपोर्ट आई तो स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस भेजकर युवक को भर्ती नहीं कराया। रिपोर्ट जारी करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग रात भर चैन की नींद सोता रहा। रविवार सुबह करीब सात बजे इस युवक ने सोहराब गेट पुलिस चौकी पहुंचकर कोरोना संक्रमित होने का शोर मचाया तो हड़कंप मच गया। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद युवक को मेडिकल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया।
कोरोना संक्रमित यह युवक इलाज के लिए शोर मचाता हुआ जब पुलिस चौकी पर पहुंचा, तो चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी समझ नहीं पाए कि माजरा क्या है। युवक ने जब शोर मचाकर कहा कि वह कोरोना का मरीज है। उसे सांस लेने में दिक्कत है और बुखार है। लेकिन उसके बाद उसे भर्ती नहीं कराया गया। इस दौरान चौकी के पास ही नगर निगम के करीब 20 सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगाई जा रही थी। युवक की बातें सुनकर पुलिसकर्मियों और सफाई कर्मियों में अफरातफरी मच गई। सभी इस युवक से दूरी बनाते रहे। दूसरे लोगों से भी कहते रहे कि यह युवक कोरोना मरीज हो सकता है, इसलिए उससे दूर रहो। इस दौरान इलाके की सफाई व्यवस्था भी रोक दी गई।
कुछ ही देर में कोरोना संक्रमित युवक की बहन भी वहां पहुंच गई। वह पुलिसकर्मियों से बोली कि उसका भाई बीमार है। शनिवार को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रात भर इसे सांस लेने में दिक्कत हुई। लेकिन इलाज के लिए कहां जाता। बाद में जब पुलिस अधिकारियों को पता चला कि शनिवार को आई कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट में इस युवक का नाम शामिल है, तो स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस बुलवाकर युवक को मेडिकल के कोविड-19 वार्ड में भर्ती कराया गया।
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पुलिस चौकी को सैनिटाइज कराया
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार कोरोना संक्रमित युवक पुलिस चौकी के बाहर पहुंच गया था। हालांकि उसने दूर से ही कहा था कि वह संक्रमित है तो इसके बाद कोई भी पुलिसकर्मी उसके नजदीक नहीं आया। युवक ने यह भी कहा कि कई बार कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर युवक को मेडिकल भिजवा दिया गया था। पुलिस चौकी को भी सैनिटाइज कराया गया है।
दिल्ली में होगी डायलिसिस
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी विश्वास चौधरी का कहना है कि मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस मशीन खराब हो गई है। यह युवक गुर्दे का मरीज है जिसकी डायलिसिस होनी थी। बाद में मेडिकल कॉलेज में बात की गई तो उसे भर्ती कर लिया गया। अब उसकी डायलिसिस दिल्ली में होगी। वह एंबुलेंस से ले जाया जाएगा और डायलिसिस के बाद वापस लाया जाएगा। जल्द ही मेडिकल की डायलिसिस मशीन को सही करा दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
कोरोना के मरीज का पुलिस चौकी तक पहुंचना ही स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। युवक को किडनी की भी बीमारी है। लोगों का कहना है कि जब स्वास्थ्य विभाग को युवक के कोरोना संक्रमित होने का पता चल गया था तो उसी समय उसे भर्ती क्यों नहीं किया गया।
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