Meerut : सलाखों में पिटबुल, मालिक पर 5000 का जुर्माना, ट्रांसपोर्टर की बेटी पर किया था हमला
Meerut News : मेरठ में ट्रांसपोर्टर की बेटी पर हमला करने वाला पिटबुल सलाखों में पहुंच गया है। वहीं, कुत्ते के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया गया है।
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मेरठ में रजबन बाजार में ट्रांसपोर्टर दिशांत आहूजा की 11 साल की बेटी यशिका आहूजा पर हमला करने वाला पिटबुल नगर निगम की सलाखों में पहुंच गया है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि कुत्ते के बधियाकरण और एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगाने के साथ ही उसका पूरा चेकअप कराया जाएगा। कुत्ते के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया गया है। जुर्माने की रकम परतापुर स्थित कान्हा उपवन में गोशाला के विकास पर खर्च की जाएगी।
दरअसल, पिटबुल, साइबेरियन, हस्की, फिसेर बाक्सर, रोडविलर और ग्रेटडेन नस्ल के कुत्तों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद पिटबुल और रोडविलर नस्ल के कुत्तों को रखने का शौक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिटबुल कुत्ते लगाकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं है।
बुधवार को रजबन बाजार में किशोरी पर पिटबुल ने हमला कर दिया था। मामला सदर थाने तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने संज्ञान लिया। इसके बाद नगर निगम हरकत में आया। बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम सदर बाजार थाने पहुंची। टीम ने पिटबुल को पकड़ लिया और उसे परतापुर स्थित एनिमल केयर सेंटर में उसे सलाखों में बंद कर दिया। पुलिस का दावा है कि कुत्ते के मालिक की भी तलाश की, लेकिन वह घर पर नहीं मिले।
रोजाना हमले, निगम अनजान
प्रतिबंधित पिटबुल सहित अन्य आवारा कुत्ते लगातार बच्चों पर हमले किए जा रहे है। जिला अस्पताल में ही रोजाना 125 से 150 लोग कुत्ता काटने के चलते एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। इसके बावजूद नगर निगम गंभीर नहीं है। हालत यह बन गए कि अब पिटबुल के हमले के मामले सामने आ रहे हैं। निगम के अधिकारी तर्क देते हैं कि शिकायत के बाद कार्रवाई करेंगे अन्यथा स्थानीय पुलिस कुत्ते के मालिक को गिरफ्तार भी कर सकती है।
निगम में सिर्फ 275 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन
नगर निगम में सिर्फ 275 कुत्तों का ही रजिस्ट्रेशन है। रजिस्ट्रेशन करने वाले सुनील सैनी ने बताया कि इसके लिए 500 रुपये की फीस रखी गई है। महानगर में पिटबुल नस्ल के 10 हजार से ज्यादा कुत्ते हो सकते हैं। बार-बार कहने के बावजूद भी पिटबुल को पालने वाले नहीं मान रहे हैं। इसके लिए कई बार बैठक हो चुकी है। वहीं, निगम के अधिकारियों का कहना है कि कुत्ते के मालिक पर एफआईआर पुलिस की ओर से लिखी जाए।
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पिटबुल नस्ल के कुत्ते पालने वालों पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पिटबुल को पकड़कर एनिमल केयर सेंटर पर बनी सलाखों में रखा जाता है। बधियाकरण और एंटी रैबिज इंजेक्शन सहित कुत्ते के अन्य टेस्ट कराए जाते हैं। मालिक से पांच हजार का जुर्माना वसूलने के बाद उसकी सुपुर्दगी में दिया जाता है। इससे पहले भी एक पिटबुल और उसके मालिक पर ऐसी कार्रवाई की जा चुकी है। जुर्माने की रकम कान्हा उपवन में खर्च की जाती है। - डॉ. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य एवं पशु कल्याण अधिकारी
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