भरोसे का कत्ल: जिसे फैक्टरी में काम दिलाया, साथ रखा, उसी दोस्त ने किया घिनौना काम
सरधना के कपसाड़ निवासी मासूम की गाजियाबाद में में कुकर्म के बाद हत्या हुई थी। रविवार को कविनगर पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद किया था।
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मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव के साढ़े पांच साल से मासूम बच्चे की हत्या गाजियाबाद के लालकुआं क्षेत्र में कुकर्म के बाद गला दबाकर की दी गई। जिसको कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया। नशे में हैवान बने राहुल ने मासूम को दस रुपये का नोट दिखाया और सामान दिलाने के बहाने घर के बाहर से ले गया। बच्चे का दादा होमगार्ड है।
मूलरूप से सरधना के कपसाड़ गांव का एक होमगार्ड का परिवार करीब 15 साल पूर्व गाजियाबाद में शिफ्ट में हो गया था। होमगार्ड का बेटा एक फैक्टरी में काम करता है। होमगार्ड का बेटा अपने गांव के ही राहुल नाम के युवक को सरधना के कपसाड़ गांव से लेकर गया और फैक्टरी में ही उसकी नौकरी लगवा दी।
करीबी होने के चलते ही आरोपी का उसके घर आना जाना था, इससे बच्चा भी उसको पहचानने लगा था। बच्चे के घर के बाहर से गायब होने के बाद माता-पिता ने काफी तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज को जब पुलिस ने खंगाला तो उसमें आरोपी बच्चे को लेकर जाता दिखा। इंस्पेक्टर कविनगर आनंद प्रकाश मिश्रा ने आरोपी को पकड़ा और उसकी निशानदेही पर बच्चे के शव को बरामद कर लिया। होमगार्ड चुनाव ड्यूटी में बाहर गए हुए है।
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पहले पीटा, फिर दबाया गला
इंस्पेक्टर कविनगर आनंद प्रकाश मिश्रा के मुताबिक आरोपी मोबाइल छोड़कर भागने की तैयारी में था, ताकि उसकी लोकेशन का भी पुलिस पता न लगा सके। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी को देखते ही पुलिस ने दबिश दी और उसको उठा लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बच्चा रो रहा था, जिसके चलते उसने पहले उसको पीटा। चुप नहीं हुआ तो उसका गला घोट दिया।
14 साल के बाद हुआ था बेटा
होमगार्ड के बेटे की शादी वर्ष 2003 में हुई थी। जिसके बाद कोई बच्चा नहीं होने पर ईश्वर से काफी मन्नतें मांगी थी। शादी के 14 साल बाद जाकर उनको बेटा हुआ था तब से परिवार में सबका दुलारा था। बच्चे की मां गमजदा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे के माता-पिता के अलावा परिवार के लोगों का हाल बेहाल है। वह बार-बार कह रहे है कि काफी मिन्नत के बाद वारिस आया था, जिसको छीन लिया।
जेब में मिला मासूम की शर्ट का बटन
होमगार्ड के पोते का भरोसे में कत्ल हुआ है। बच्चे के पिता ने बेराजगार राहुल को गाजियाबाद की एक फैक्टरी में काम दिया। उसके रहने की व्यवस्था भी की और काफी दिनों तक अपने घर में उसको खाना खिलाया। इसी दौरान होमगार्ड का पोते आरोपी के साथ खेलने लगा।
इसी भरोसे में आरोपी मासूम को उठाकर ले गया और उसकी हत्या कर दी। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी मासूम को ले जाते दिखाई दिया, इसके बावजूद भी पीड़ित परिवार को यकीन नहीं आ रहा था कि राहुल उनके इकलौते बेटे की हत्या कर सकता है। आरोपी की पुलिस ने तलाशी ली तो उसकी जेब में मासूम की शर्ट का एक बटन मिला। तभी पीड़ित परिवार को यकीन आया कि बच्चे को राहुल ले गया था।