बजट की पिच पर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री 'बोल्ड', सवालों के लिए काफी ये मुख्य बिंदु
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बजट की पिच पर दो हजार करोड़ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री बोल्ड हो गई। सरकार ने बजट में केवल ठेंगा दिया है। उद्यमियों को अंतरिम बजट से उम्मीदें थीं कि जीएसटी में राहत मिलेगी, सरकार कारोबारियों को कुछ राहत पैकेज देगी, लेकिन सभी पर पानी फिर गया। उद्यमियों के मुताबिक यह बजट तो सर्विस क्लास का है। उद्योग तो दरकिनार है। कोई ऐसी छूट, जीएसटी में राहत या योजना नहीं है जो खेल उद्योग या ओवरऑल इंडस्ट्री सेक्टर को राहत देती हो।
बड़ी इकाइयों के काम की नहीं आयकर छूट
सरकार ने आयकर की सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया है। खेल उद्योग, कालीन उद्योग, इलेक्ट्रानिक उपकरण इकाइयां, प्रिंटिंग और पेपर मिल जैसी बड़ी इकाइयों के लिए पांच लाख की छूट की सीमा कोई लाभकारी कदम नहीं है। जीएसटी में राहत मिलती तो लाभ मिलता। एमएसएमई की जो जीएसटी रजिस्टर्ड इकाइयां है, उनको एक करोड़ के वृद्धिशील ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज की छूट भी कोई खास लाभ नहीं देगी। आगे जानिए- मुख्य बिंदु:-
मुख्य बिंदु-
मेरठ में 2 हजार करोड़ टर्नओवर का खेल उद्योग
1000 से अधिक छोटी-बड़ी खेल इकाइयां
100 बड़ी खेल औद्योगिक इकाइयां
500 करोड़ का निर्यात केवल खेल उद्योग
बल्ला, क्रिकेट आयटम, रैकेट, एथलेटिक आयटम, जिम, ट्रैक सूट, टेबिल टेनिस आदि खेल उपकरणों का होता है निर्यात
खेल उद्योग को किया दरकिनार
बजट से खेल इंडस्ट्री पूरी तरह आउट है। सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया जो स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को लाभ दे सके। कर से राहत या नई छूट के प्रावधान का लाभ भी नहीं मिला। - राकेश कोहली, डायरेक्टर स्टैग इंटरनेशनल
एमएसएमई को मिला जीरो
बजट सैलरी क्लास के लिए है, छोटे व्यापारियों को भी थोड़ा लाभ मिलेगा। लेकिन खेल उद्योग को जीरो मिला है। सरकार जीएसटी की छूट सीमा बढ़ाकर खेल कारोबार को लाभ दे सकती थी। स्पोर्ट इंडस्ट्री निराश है। - अंबर आनंद, डायरेक्टर नेलको स्पोर्ट्स
उद्यमी के लिए नहीं ये बजट
बजट में ऐसा कुछ नहीं है जो उद्यमियों को राहत पहुंचाता है। नोटबंदी और जीएसटी से इंडस्ट्री पहले से परेशान थी। वह परेशानी अभी दूर नहीं हुई है। - अतुल भूषण गुप्ता, मंडलीय अध्यक्ष आईआईए
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से मिलेगी राहत
आयकर छूट से कारोबारी को अधिक लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन जीईएम पोर्टल पर खरीदारी की सीमा 25 प्रतिशत करने और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की शुरुआत करने का एमएसएमई को लाभ मिलेगा। - राजकु मार शर्मा, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
जीएसटी पर भी देते राहत
सरकार ने सर्विस क्लास के लिए अच्छा बजट दिया है, लेकिन कारोबार के हिसाब से कुछ खास नहीं है। जीएसटी में राहत का भी ख्याल रखना चाहिए था। - अनिल पुंडीर, अध्यक्ष मेजर ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एरिया
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