Meerut: लोहियानगर में प्लॉट बेच भूला एमडीए, 14 साल से पानी की सप्लाई नहीं, मुसीबत झेल रहे आवंटी
महायोजना-2021 में लोहियानगर में कुछ नहीं बदला। काम कराना तो दूर नगर निगम ने शहर से एकत्र हो रहे कचरे का पहाड़ भी लोहियानगर में ही खड़ा कर दिया। समाजवादी आवास योजना के तहत प्रस्तावित फ्लैट भी अधूरे पड़े हैं।
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लोहियानगर आवासीय योजना को एमडीए प्लॉट बेचकर भूल गया। वर्ष 1998 में इस योजना में जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ। अब करीब 24 वर्ष बाद यहां न सड़कें ठीक हैं और न ही पार्क। कई हिस्से ऐसे हैं जहां आवंटियों को पूरा पैसा चुकाने के बावजूद प्लॉट पर कब्जा नहीं मिला। समाजवादी आवास योजना के तहत प्रस्तावित फ्लैट भी अधूरे पड़े हैं।
लोहियानगर आवासीय योजना हापुड़ रोड से जुड़ी है। यहां पास में ही आउटर रिंग रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण का लिंक मिलेगा। एमडीए ने प्लॉट बेचते समय यह सब सपने दिखाए पर यहां सुविधाएं नहीं दीं। लोहियानगर के अधिकांश पॉकेट में स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से शाम ढलने के बाद चलना मुश्किल है।
सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। महायोजना-2021 में लोहियानगर में कुछ नहीं बदला। काम कराना तो दूर नगर निगम ने शहर से एकत्र हो रहे कचरे का पहाड़ भी लोहियानगर में ही खड़ा कर दिया। यहां समाजवादी आवास सहित अन्य फ्लैट बनाने की प्रक्रिया दस साल पहले शुरू की गई थी। ये फ्लैट अधूरे हैं। जिन पॉकेट में लोगों ने घर बना लिए हैं वहां भी पार्क नहीं हैं।
14 साल से पानी की सप्लाई नहीं
पुलिस एंक्लेव में 300 परिवार रहते हैं। यहां 14 साल में पानी की सप्लाई की सुविधा नहीं मिली। यह एंक्लेव 2008 से आवंटित है। अनुरक्षण शुल्क 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष लिया जाता है। पानी की पाइपलाइन भी डाली गई है। लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है - रविंद्र सिंह, निवासी
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चौराहों पर नहीं प्रकाश की व्यवस्था
अभी दो महीने पहले सड़क बनाईं गई हैं, लेकिन कई स्थान छोड़ दिए गए हैं। अभी भी कई चौराहों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। - इब्राहित, निवासी
ध्यान नहीं दे रहा एमडीए
जनता की तरफ एमडीए नहीं दे रहा है। लोहियानगर हाइवे के पास है। लोकेशन अच्छी है पर यहां विकास कार्य नहीं हो रहे। इससे लोग परेशान हैं। - संदीप बैंसला, निवासी
किसानों को नहीं मिले प्लॉट
जागृति विहार एक्सटेंशन से ही सटे लोहियानगर में भी किसानों की समस्या जस की तस बनी है। कई बार एमडीए अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। प्रतिकर के बदले प्लॉट आदि दिए जाने थे लेकिन कोई भी प्रक्रिया नहीं की जा रही - विनोद कुमार, काजीपुर निवासी
जवाबदेही तय हो
किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर विकास नहीं होता तो सारा ठीकरा किसानों पर फोड़ा जाता है। जब किसानों की जमीन ली जाती है तब अधिकारी ये नहीं सोचते। - भारत भड़ाना, काजीपुर निवासी