फर्जी तरीके से बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लेकर फरार, सीबीआई ने हस्तिनापुर पहुंचकर खंगाले दस्तावेज
- आरोपी ने हस्तिनापुर में फैक्टरी, मकान और प्लाट दर्शाकर गाजियाबाद के एक बैंक को लगाया चूना
- सीबीआई की टीम ने हस्तिनापुर नगर पंचायत में खंगाले दस्तावेज, नहीं मिला रिकाॅर्ड
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मेरठ के हस्तिनापुर में करोड़ों रुपये के लोन लेने के मामले में सीबीआई की टीम ने मंगलवार को हस्तिनापुर नगर पंचायत पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। कई घंटे की मशक्कत के बाद भी टीम को आरोपी व्यक्ति के खिलाफ नगर पंचायत में रिकार्ड नहीं मिला। शाम को टीम चली गई।
सूत्रों के अनुसार एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से हस्तिनापुर में फैक्टरी, मकान और प्लाट दर्शाकर गाजियाबाद के एक बैंक से 2017 में करोड़ों रुपये का लोन लिया था। जब तक अधिकारियों को इसका पता चलता आरोपी व्यक्ति फरार हो चुका था। इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई।
मंगलवार को सीबीआई की एक टीम हस्तिनापुर नगर पंचायत पहुंची और आरोपी व्यक्ति द्वारा बैंक में दिए दस्तावेजों के अनुसार मकान का पता आई-20 जानने के लिए दस्तावेज तलाश कराए। नगर पंचायत के कर्मचारियों ने रिकार्ड में ऐसे किसी भी पते से इनकार कर दिया। यहां से टीम पोस्ट ऑफिस पहुंची, लेकिन यहां भी बताया कि इस पते का न तो कोई मकान न ही फैक्टरी या प्लॉट।
इसके बाद टीम एसडीए मवाना ऋषिराज के पास तहसील पहुंची। यहां से तहसीलदार और सीओ यूएन मिश्र द्वारा उक्त दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की गहनता से जांच की गई, लेकिन तहसील में भी रिकॉर्ड नहीं मिला।
सीबीआई टीम एसडीएम और सीओ के साथ दोपहर 2 बजे फिर से नगर पंचायत हस्तिनापुर पहुंची। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्र के साथ उन्होंने पता जानने की कोशिश की। कई घंटे के मशक्कत के बाद भी रिकार्ड नहीं मिला सका।
टीम के अधिकारियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने अपना पता और संपत्ति हस्तिनापुर के साथ-साथ बिजनौर में भी दर्शाई है। वही संदिग्ध व्यक्ति का कनेक्शन इंचौली थाना क्षेत्र के बहचौला गांव से भी है। टीम ने वहां जाकर भी जांच की।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने बिजनौर में भी संपत्ति दर्शाकर बैंक को चूना लगाया है। वहीं इस मामले में अधिक जानकारी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन सभी ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।