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मेरठ: लेखपालों ने तहसील परिसर में दिया धरना; 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
Sat, 03 Oct 2026 01:48 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:48 PM IST
सार
मेरठ के सरधना में लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार शुरू कर तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपाल संघ ने मांगें पूरी न होने पर 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
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धरने पर बैठे लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ की सरधना तहसील में लंबित मांगों को लेकर शनिवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपाल संघ ने शासन स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी जताई। संघ का कहना है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के लेखपाल संपूर्ण कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे।
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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ललित कुमार ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति और भत्तों में बढ़ोतरी समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि शासन स्तर पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।
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लगातार बढ़ रहे कार्यभार पर जताई नाराजगी
धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि उन पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों के रखरखाव के साथ ऑनलाइन कार्य, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की जांच, आपदा प्रबंधन समेत कई शासकीय कार्य भी लेखपालों के जिम्मे हैं।
लेखपालों का कहना है कि इसके बावजूद क्षेत्रीय स्तर पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं और जरूरी संसाधनों का अभाव है।
धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि उन पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों के रखरखाव के साथ ऑनलाइन कार्य, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की जांच, आपदा प्रबंधन समेत कई शासकीय कार्य भी लेखपालों के जिम्मे हैं।
लेखपालों का कहना है कि इसके बावजूद क्षेत्रीय स्तर पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं और जरूरी संसाधनों का अभाव है।
स्थानांतरण और पदोन्नति का मुद्दा
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी न होने और विभागीय परीक्षा परिणामों में देरी से भी लेखपाल संवर्ग में असंतोष है।
17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी न होने और विभागीय परीक्षा परिणामों में देरी से भी लेखपाल संवर्ग में असंतोष है।
17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।