{"_id":"62fdd11b98ff4d3d3e1e10b5","slug":"meerut-jawan-posted-in-jammu-kashmir-martyred-entire-village-gathered-at-last-ride","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: जम्मू कश्मीर में तैनात मेरठ का लाल शहीद, अंतिम संस्कार में उमड़ा पूरा गांव, बेटे ने दी मुखाग्नि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: जम्मू कश्मीर में तैनात मेरठ का लाल शहीद, अंतिम संस्कार में उमड़ा पूरा गांव, बेटे ने दी मुखाग्नि
Thu, 18 Aug 2022 11:11 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 18 Aug 2022 11:11 AM IST
सार
मेरठ के हसनपुर कला निवासी सेना के जवान अनिल पहाड़ पर पैर फिसलने के कारण घायल हो गए थे। अस्पताल में उन्हाेंने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह शहीद जवान का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां गांव के ही श्मशान घाट पर सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
शहीद जवान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के हसनपुर कला निवासी जवान अनिल मंगलवार को जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए। गुरुवार सुबह शहीद जवान का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां गांव के ही श्मशान घाट पर सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
इस दौरान पूरा गांव शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा। वहीं बेटे आरव ने शहीद पिता को मुखग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद जवान को सेना के जवानों द्वारा अंतिम सलामी दी गई। वहीं शहीद के परिजनों को सात्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
विज्ञापन
हसनपुर कला का रहने वाला अनिल कुमार पुत्र ऋषि पाल राष्ट्रीय राइफल 58 में तैनात था। इस समय उसकी तैनाती जम्मू कश्मीर के रियासी डिस्ट्रिक्ट के मऊ हर मे थी। वह पहाड़ों पर था जहां से 9 अगस्त को जवान पैर फिसलने के कारण घायल हो गया था। उसे सिर में चोट आई थी। जवान का अस्पताल में उपचार चल रहा था। 16 अगस्त को जवान की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: दिल दहला देने वाली वारदात: छुरे से काट दी थी बेटी की गर्दन, स्कूटी पर ले गया था लाश, नाले में फेंका था सिर
शहीद जवान अनिल कुमार शादीशुदा हैं। उनके तीन बच्चे हैं। दूसरा भाई सुनील कुमार भी सेना में ही तैनात है। परिजनों को जैसे ही अनिल कुमार के चोट लगने की सूचना मिली तो सभी लोग अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों के अनुसार सिर में अधिक चोट लगने के कारण वह ठीक नहीं हो सके।
गुरुवार को गांव में जैसे ही सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। सैनिक का पैैतृक गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैनिक के बेटे आरव ने पिता को मुखाग्नि दी। सेना के द्वारा सलामी देकर शहीद को अंतिम विदाई दी गई।