Meerut: जाम ने जकड़ा शहर, डॉक्टर को अस्पताल पहुंचने में लगा एक घंटा, मरते-मरते बचा मरीज
मेरठ में जाम की समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा है। गुरुवार को भी शहर में जाम के कारण एक मरीज मरने से बच गया। दरअसल जाम में फंसे डॉक्टर को अस्पताल पहुंचने में एक घंटा लग गया।
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वे पुलिस वालों से कहती रही कि मरीज को देखने जा रहे हैं लेकिन उनको जाने नहीं दिया गया। कई किलोमीटर घूमकर जैसे तैसे वह अस्पताल पहुंची, एक घंटा लग गया। इससे मरीज की जान जाते-जाते बची। डॉक्टरों का कहना है कि कम से कम पुलिस इस बात का ध्यान रखे कि अस्पताल जाने के लिए डॉक्टर जाएंगे तो कहां से जाएंगे।
कावड़ यात्रा के चलते पुलिस प्रशासन ने शहर के सारे कट बंद कर दिए हैं। अस्पतालों के आसपास भी यह नहीं देखा गया कि मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर कहां से जाएंगे। सारे कट बंद करके पुलिस प्रशासन ने बस अपनी ड्यूटी खत्म कर दी है। सारा शहर जाम से कराह रहा है। लोग व्यवस्था को कोस रहे हैं।
ट्रैफिक के अधिकारियों ने किसी भी रोड पर घूमकर यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि चंद कदमों की दूरी को दूसरी साइड जाने वाला व्यक्ति कितने किलोमीटर जाकर पार करेगा। बस बैरिकेडिंग करके लोगों को घरों में कैद कर दिया गया है। सबसे बुरा हाल दिल्ली रोड पर है। मोहकमपुर और देवलोक के लोगों को दूसरी साइड जाने के लिए कई किलोमीटर दूर टीपी नगर गेट से होकर आना पड़ रहा है।
शारदा रोड पर रहने वाले लोग आखिर कहां से जाएं
शारदा रोड पर रहने वाले लोगों की आफत आ गई। फुटबाल चौक तक रास्ता पहले ही बंद है। दिल्ली चुंगी से टीपीनगर की तरफ वनवे हो चुका है, यह रोड पहले से ही बहुत संकरी है। ऐसे में लोगों के पास सीओ ब्रह्मपुरी पुराना ऑफिस होते हुए मेट्रो प्लाजा के सामने वाला रास्ता बचता है। लेकिन पुलिस ने मेट्रो प्लाजा के सामने भी बैरिकेडिंग करके कट को बंद कर दिया है। ऐसे मैं यहां के लोग कैद हो गए हैं।
शारदा रोड पर रहने वाले सत्यम का कहना है कि पुलिस अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि यहां से लोग जाएंगे तो कहां से निकलेंगे। यही हाल दूसरी कई कॉलोनियों का भी है। लोग जाम से जूझ रहे हैं और कहीं भी ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आ रही है। आखिर समझ नहीं आ रहा है कि जब सारा पुलिस फोर्स कांवड़ ड्यूटी में लगा है तो फिर सड़क पर वह क्यों नहीं नजर आ रहा है।