Meerut: मेडिकल की इमरजेंसी में खून से लथपथ तड़पता रहा मरीज, लापरवाही पर कार्रवाई तय
मेरठ मेडिकल कॉलेज में खून से लथपथ फर्श पर पड़े घायल का तड़पते हुए वीडियो वायरल होने के बाद लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। मामले में सीएमओ और प्राचार्य ने चिकित्सकों की बैठक ली। वहीं घटना को लेकर तीन सदस्यीय समिति जांच कर रही है।
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सोमवार को सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए थे। इनमें दिख रहा था कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में खून से लथपथ हालत में फर्श पर एक युवक गिरा हुआ था। उसकी कोई सुध नहीं ले रहा था। उसके शरीर से खून रिस रहा था और कपड़े भी रक्तरंजित थे।वीडियो को सूबे के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को टैग किया गया था। इससे हड़कंप मच गया था। जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से रिपोर्ट तलब की थी। साथ ही प्राचार्य ने तीन सदस्यीय कमेटी की गठन किया है, जो तीन दिन के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट देगा कि इलाज में लापरवाही क्यों की गई। घायल ने अपना नाम सूरज पुत्र संगतराम निवासी अशोकपुरी, उम्र लगभग उम्र 30 वर्ष बताया था। उसके सिर और चेहरे पर चोट लगने के कारण पीएल शर्मा जिला अस्पताल से रेफर होकर रविवार रात 10:32 बजे मेडिकल के आपातकालीन विभाग में भर्ती किया गया था।
प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि सूरज को सर्जरी विभाग के डॉ. नितिन चौधरी के अधीन भर्ती किया गया था। उसे तत्काल से देखा गया और प्राथमिक उपचार शुरू किया गया, लेकिन मरीज सिर में चोट होने के कारण बेड से उतर कर भागने के प्रयास में गिर गया। यह वीडियो इसी समय किसी ने बना लिया। युवक को फिर से बेड पर लिटाया गया। कर्मचारियों की मदद से सिर का सीटीस्कैन कराया गया, जिसमें सिर में खून के थक्के पाए गए। मरीज को न्यूरो सर्जन, डेंटल सर्जन, नेत्र विभाग और नाक-कान-गला (ईएनटी) सर्जन को भी दिखाया गया।
यह समिति कर रही जांच
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष इमरजेंसी विभाग डॉ. वैभव तिवारी, सहायक आचार्य सर्जरी डॉ. संदीप मालयान और चिकित्सा अधीक्षक की जांच समिति बनाई गई है। तीन दिनों के अन्दर समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शाबाश! चार छात्रों ने पेश की मानवता की मिसाल, सूरज को ई-रिक्शा में ले गए अस्पताल
एक तरफ मेडिकल के चिकित्सीय स्टाफ पर घायल के इलाज में लापरवाही का आरोप लग रहा है तो दूसरी तरफ चार छात्रों ने मानवता शाबाश! छात्रों ने पेश की मानवता की मिसाल पेश की है। ये चारों दोस्त ही सड़क पर पड़े घायल सूरज को ई-रिक्शा में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इतना ही नहीं, अब ये अशोकपुरी में सूरज के परिवार को भी तलाश कर रहे हैं।
ये छात्र हैं, उमंग, परमजीत, नवनीत और रमनजीत। मवाना स्थित एफआईटी कॉलेज से बीसीए कर रहे हैं। परमजीत बीए, रमनजीत ने आईटीआई किया है और नवनीत ने 12वीं की है। उमंग ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे थे। वे दोस्त दो स्कूटी से गंगानगर से घर कासमपुर जा रहे थे।
माल रोड पर उन्होंने रास्ते में एक युवक ज़ख्मी हालत में सड़क पर तड़प रहा है। साइकिल बराबर में पड़ी है। वहां खड़े लोगों ने बताया कि कोई कार वाला टक्कर मार गया है। वे घायल को ईरिक्शा में पहले निजी चिकित्सक के ले गए, हालत गंभीर होने पर वहां से जिला अस्पताल ले गए।
उन्होंने एम्बुलेंस में मेडिकल भेज दिया। मेडिकल में घायल को भर्ती कराकर वे वहां से आ गए। अब वे अशोकपुरी में घायल सूरज का घर और परिवार वालों को तलाश रहे हैं, क्योंकि वह अपना पूरा पता नहीं बता पा रहे हैं।