आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम की सच्चाई जानकर चौंक गए पुलिस अफसर, प्रशासन को लगा बड़ा झटका
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मेरठ पुलिस लाइन में लाखों रुपये के खर्च करके जिस आधुनिक कंट्रोल रूम को बनाया गया। उस कंट्रोल रूम से शहर की निगरानी को ऐसा झटका लगा कि खुद ट्रैफिक पुलिस को भी भनक नहीं लगी। जब पुलिस अफसरों ने अलग अलग स्थानों पर अपराध की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज निकालने की कोशिश की तो पता चला कि शहर के पांच स्थानों के सीसीटीवी कैमरे बंद थे। शुक्रवार को खुद एसपी ट्रैफिक ने कंट्रोल रूम में पहुंचकर एलईडी स्क्रीन को देखा तो माना कि ऑटोमेटिक सिस्टम से जुड़े कैमरे झटके खा रहे हैं।
एक कंपनी ने शहर में 34 मुख्य स्थानों पर उच्च क्वालिटी के कैमरे लगाए थे। जबकि 14 लाख रुपये खर्च करके पुलिस लाइन में ट्रैफिक पुलिस का आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया। ट्रैफिक कंट्रोल रूम में दो अलग अलग दीवारों पर 24 एलईडी टीवी स्क्रीन लगी हैं, जबकि एक एलईडी स्क्रीन को गूगल मेप से कनेक्ट किया गया है।
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आईजी रेंज रामकुमार ने 20 अप्रैल को ट्रैफिक कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया था। पुलिस अफसरों का दावा है कि यह प्रदेश का दूसरा आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम है जिसे गूगल मेप से कनेक्ट किया गया है। गूगल मेप से ही शहर ओर हाईवे का जाम देखा जा सकता है। वहीं जिन स्थानों पर कैमरे लगे हैं वहां कैमरों से जाम देखकर ट्रैफिक पुलिस की ट्रैमो बाइक और महिला पुलिस की एंजिल भेजी जाती हैं।
34 स्थानों पर लगाए थे कैमरे
शहर में सर्किट हाउस, शास्त्रीनगर, गढ़ रोड, मेडिकल कॉलेज गेट, भूमिया का पुल, समर गार्डन, लिसाड़ीगेट, दिल्ली रोड, कंकरखेड़ा बाईपास, पावली खास, मोदीपुरम तिराहा, लालकुर्ती, मीनाक्षीपुरम, जेल चुंगी, गंगानगर, रिठानी, रेलवे रोड समेत 34 स्थानों पर उच्च क्वालिटी के कैमरे लगाए गये थे। जबकि 42 स्थानों पर पुलिस और एक अन्य कंपनी की तरफ से कैमरे लगे हुए थे। शहर और हाईवे पर 72 स्थानों पर लगे सीसी टीवी कैमरों को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जोड़ा गया था।
नहीं कर रहा सर्वर काम
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि 34 स्थानों पर एक कंपनी द्वारा लगाए गये सीसीटीवी कैमरों को सर्वर से जोड़ा गया है। मीनाक्षीपुरम, खटकाना पुल, कंकरखड़ा, मोहनपुरी में पांच कैमरों की इलेक्ट्रानिक उपकरण अचानक बंद हो गये हैं। यह कैमरे पिछले एक सप्ताह से बंद पाए गये हैं। एसपी ट्रैफिक ने खुद कंट्रोल रूम में पहुंचकर जांच कराई तो उस समय 12 स्थानों के कैमरों का नो लिंक मिला। जिसमें बताया गया कि ठंड में अचानक सर्वर चला जाता है, सिजके बाद फिर से ऑटोमेटिक सर्वर शुरू हो जाता है। लेकिन जिन कैमरों की उपकरण डिवाइस काम नहीं कर रहीं, उनकी भी जांच शुरू करा दी गई है। यह भी बताया कि रात के समय सबसे ज्यादा कैमरे ऑटोमेटिक कंट्रोल रूम में नो लिंक दिखाने लगते हैं।
फुटेज की जरूरत पड़ी तो पता चला
30 दिसंबर को खटकाना पुल पर एक किशोर की साईकिल चोरी हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने एक कंपनी द्वारा लगाए गये कैमरे की फुटेज देखी तो पता चला कि यह कैमरा कई दिन से बंद था। सीसीटीवी कैमरा बंद होने से चोर का कोई सुराग नहीं लगा।
- 20 दिसंबर को कंकरखेड़ा से एक किशोरी संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गई। किशोरी के परिजनों ने अपहरण का आरोप लगाया। इस दौरान वहां पर कैमरा लगा था। पुलिस ने कैमरे की फुटेज देखी तो पता चला कि कैमरा ऑटोमेटिक उस समय बंद हो चुका था।
- 17 नंवबर को सिविल लाइन पुलिस ने मोहनपुरी में बाइक चोरी करने वालों की तलाश में कैमरे की फुटैज देखी तो उसमें भी पता चला कि कैमरा बंद था। यह कैमरे पुलिस के लिए सिर्फ दिखावे के लिए बनकर रह गये हैं।
कोट
कई स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे बंद होने की जानकारी मिली है। कंट्रोल रूम में खुद मैने जांच कराकर कंपनी के अधिकारियों को इस मामले में अवगत कराया है। जांच में सामने आया कि टेक्निकल कारण के चलते अचानक कैमरे बंद हुए हैं। जल्द ही इन कैमरों को चलाया कराया जाएगा। प्रत्येक दिन प्रत्येक कैमरे की मॉनिटरिंग कराई जाएगी।- संजीव बाजपेई, एसपी ट्रैफिक
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