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मेरठ : ब्रह्मज्ञान का बताया महत्व
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मेरठ। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा गढ़ सड़क स्थित बुद्धा गार्डन में शिव कथा का आयोजन भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ जारी है। कथा के छठे दिन कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर ने तारकासुर वध का भावपूर्ण वर्णन किया।
डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि तारकासुर उन तथाकथित लोगों का प्रतीक है जो समाज को मार्ग दिखाने का दावा करते हैं पर स्वयं ईश्वर साक्षात्कार से वंचित रहते हैं। उन्होंने पूर्ण गुरु की पहचान पर जोर दिया, जो साधक को दीक्षा के समय भीतर ही ईश्वर के प्रकाश का प्रत्यक्ष अनुभव करा सके, जिसे दिव्य विद्या ब्रह्मज्ञान कहते हैं।
संस्थान के अध्यक्ष स्वामी आदित्यानंद ने बताया कि आशुतोष महाराज ब्रह्मज्ञान के प्रदायक हैं और इसी ज्ञान के माध्यम से असंख्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। संस्थान से जुड़े हजारों साधु-साध्वियां सनातन धर्म के संरक्षण में निरंतर कार्यरत हैं, जो समाज को भक्ति एवं आत्मबोध की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। कार्यक्रम का समापन भक्ति संगीत, दिव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि तारकासुर उन तथाकथित लोगों का प्रतीक है जो समाज को मार्ग दिखाने का दावा करते हैं पर स्वयं ईश्वर साक्षात्कार से वंचित रहते हैं। उन्होंने पूर्ण गुरु की पहचान पर जोर दिया, जो साधक को दीक्षा के समय भीतर ही ईश्वर के प्रकाश का प्रत्यक्ष अनुभव करा सके, जिसे दिव्य विद्या ब्रह्मज्ञान कहते हैं।
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संस्थान के अध्यक्ष स्वामी आदित्यानंद ने बताया कि आशुतोष महाराज ब्रह्मज्ञान के प्रदायक हैं और इसी ज्ञान के माध्यम से असंख्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। संस्थान से जुड़े हजारों साधु-साध्वियां सनातन धर्म के संरक्षण में निरंतर कार्यरत हैं, जो समाज को भक्ति एवं आत्मबोध की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। कार्यक्रम का समापन भक्ति संगीत, दिव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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