जानलेवा मधुमक्खियां: डंक मारकर जहर की थैली भी शरीर में छोड़ देती हैं, पूजा के दौरान 12 को किया घायल, एक की मौत
Meerut News : अगर आपके आसपास मधुमक्खियां रहती हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि मधुमक्खी के काटने से आपकी जान भी जा सकती है। मेरठ में भी मधुमक्खियों के काटने से एक महिला की जान चली गई। इसके अलावा 12 श्रद्धालु जख्मी हो गए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
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परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी में मधुमक्खियां के झुंड द्वारा हमले का खतरा महसूस होने पर मधुमक्खियां मिलकर हमला करती हैं। हर डंक के साथ जहर की थैली भी काटने वाले शरीर में छोड़ देती हैं। समय पर उपचार न मिले तो बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के डंक जान भी ले सकते हैं। परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खजूरी में जाहरवीर बाबा की पूजा करते समय मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर 12 लोगों को घायल कर दिया था। महिला की मौत हो गई।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक एसिड होता है, उससे एनाफ्लेक्टिक रिएक्शन हो जाता है। यह जहर की तरह काम करता है। इससे अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। कई तरह के एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है और हमले के शिकार व्यक्ति की जान भी जान सकती है।
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इससे बचाव का तरीका यही है कि अगर तबीयत बिगड़ रही हो तो तुरंत अस्पताल या चिकित्सक के पास जाएं। अगर समय रहते व्यक्ति अस्पताल या चिकित्सक के पास चला जाता है तो उसे जान का खतरा नहीं रहता है। वन्य जीव विशेषज्ञ आरके सिंह ने बताया कि बहुत ज्यादा संख्या में मधुमिक्खयों के काटने से डंक के साथ टॉक्सिन शरीर में डलता है, जिससे कई बार शॉक के कारण भी जान चली जाती है।
इंसान को काटने के बाद मधुमक्खियां भी मर जाती हैं
वन्य जीव विशेषज्ञ ने बताया कि मधुमक्खी इंसान को काटने के बाद मर जाती है। दरअसल, काटने के बाद वह अपना स्टिंगर (डंक) वापस नहीं खींच पाती। स्टिंगर खींचने के चक्कर में न सिर्फ उसका स्टिंगर टूटता है, बल्कि उसके साथ उसकी आंत, पाचन तंत्र और मांसपेशियां भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसी चक्कर में मधुमक्खी की मौत हो जाती है। यह उनके लिए ऑर्गन फेल्योर जैसा होता है।