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मेरठ : फर्जी फर्म के जरिए सात करोड़ की जीएसटी चोरी, साढ़े तीन करोड़ रिकवर 

Thu, 26 Aug 2021 08:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 26 Aug 2021 08:35 PM IST
सार

अधिकारियों द्वारा मैसर्स विमलेश कोइल्स एन्ड कंडक्टर्स के पार्टनर्स के घरों की छापेमारी के दौरान नकद धनराशी बरामद हुई, जिसे सरकारी खाते में जमा करा दिया गया है।  

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Meerut: GST evasion of seven crores through fake firm, 3.5 crore recovered
वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : iStock

विस्तार

मेरठ में डीजीजीआई ने फर्जी फर्मों के जरिए सात करोड़ रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी का खुलासा किया है। 3.50 करोड़ के जीएसटी की रिकवरी भी की है।

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इनपुट टैक्स क्रेडिट का फर्जी लाभ उठाने के मामले में वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) की मेरठ जोनल इकाई ने मैसर्स विमलेश कॉयल्स एन्ड कंडक्टर्स, रुड़की के विभिन्न प्रतिष्ठानों, फैक्टरी एवं आपूर्तिकर्ता फर्मो पर छापेमारी की। सर्च ऑपरेशन के दौरान अफसरों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के कारोबार में लगी धोखाधड़ी करने वाली फर्मों के रैकेट का भंडाफोड़ किया। 
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डीजीजीआई के संयुक्त निदेशक ने बताया कि छापेमारी अभियान में यह पता चला की ये सभी अस्तितविहीन एवं फर्जी फर्मे मैसर्स विमलेश कॉयल्स एंड कंडक्टर्स को बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के लिए ही केवल कागजों पर बनाई गई थी। अधिकारियों द्वारा मैसर्स विमलेश कॉयल्स एंड कंडक्टर्स के पार्टनर्स के घरों की छापेमारी के दौरान नकद धनराशी बरामद हुई, जिसे सरकारी खाते में जमा करवा दिया गया है।  
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पार्टनर्स ने डीजीजीआई जोनल यूनिट के अधिकारियों के समक्ष बयान में फर्जी एवं अस्तित्विहीन फर्मों द्वारा जारी बोगस इनवॉइस के माध्यम से 7 करोड़ रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी को स्वीकार कर लिया।

फर्जी फर्मे मात्र बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी और कभी भी इन फर्मों से माल का कोई भी लेन-देन नहीं हुआ था। इस प्रकार 7 करोड़ रुपये के कर का गबन किया गया है। अधिकारियों ने मौके पर 3.50 करोड़ के जीएसटी की रिकवरी भी की है। इस मामले गिरफ्तारी नहीं होगी। पेनाल्टी वसूली जाएगी। 


इसके अलावा जांच चल रही है और कर चोरी की मात्रा बढ़ने की संभावना है। बिना माल की आवाजाही के फर्जी इनवॉइस जारी करने में शामिल कई अन्य फर्जी फर्मों के अस्तित्व की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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