MEERUT: आटा आठ रुपये किलो महंगा, दालों पर 20 रुपये तक बढ़े, जनवरी तक और बढ़ेगी महंगाई
महंगाई ने घर की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। अगस्त से नवंबर तक चार महीने में खाने-पीने से लेकर एफएमसीजी की कीमतों में काफी उछाल आया है। एक सामान्य परिवार के महीने के खर्च में तीन से चार हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
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महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पिछले चार महीनों (अगस्त से नवंबर) मेें हर चीज के दाम में जबरदस्त उछाल आया है। गेहूं के आटे पर प्रति किलो आठ रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। मैदा, सूजी और चावल भी आठ से दस रुपये महंगे हो गए हैं। दालों के दामों में भी 15 से 20 रुपये का इजाफा हुआ है। साथ ही रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं (फास्ट मूविंग कंज्यूमर प्रोडक्ट्स या एफएमसीजी) के रेट भी आसमान छू रहे हैं। एक सामान्य परिवार के महीने का खर्च तीन से चार हजार रुपये बढ़ गया है।
रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं महंगा हो रहा है। सप्लाई प्रभावित होेने के कारण भारत ने मित्र राष्ट्रों को गेहूं निर्यात किया है। इस कारण यहां लगातार रेट बढ़ रहे हैं। वहीं अगस्त में अरहर 98 रुपये प्रति किलो थी जो अब 110 रुपये मिल रही है। काबुली चना अगस्त में 80 था, जो अब 100 रुपये प्रति किलो है।
कंपनियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी में भी बड़ा खेल किया है। डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के पदाधिकारी विनेश जैन ने बताया कि उत्पाद में मामूली रूप से माल बढ़ाने के बाद प्रिंट रेट में भी भारी फेरबदल किए गए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को इसका कोई लाभ नहीं मिला है।
ऑनलाइन कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचाया जा रहा है। फ्लोर मिल संचालक सचिन जैन और दिनेश सिंघल ने बताया कि गेहूं के रेट में लगातार इजाफा हो रहा है। सरकार को इसके लिए कदम उठाने की जरूरत है। दिसंबर और जनवरी में और अधिक रेट बढ़ने की आशंका है।
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खाने-पीने की चीजें
खाद्यान्न प्रति किलो अगस्त नवंबर
गेहूं 21 28.50
आटा 26 34
मैदा 24 34
सूजी 26 36
चावल 70 78
दालें प्रति किलो अगस्त नवंबर
मसूर 83 105
अरहर 98 110
मूंग 80 90
काबुली चना 80 100
उड़द 95 105
तेजी से बिकने वाली उपभोक्ता वस्तुएं
उत्पाद अप्रैल नवंबर
टूथपेस्ट 150 ग्राम 90 110
वाशिंग पावडर 5 किलो 530 635
हेयर ऑयल 500 ग्राम 280 305
सेनेट्री नैपकिन 6 पीस 28 34
फेस क्रीम 105 122
कंपनियों ने कहीं माल घटाया तो कहीं रेट बढ़ाए
सामान उपभोक्ता और डिस्ट्रीब्यूटर के रेट उपभोक्ता और ऑनलाइन कंपनी के रेट
बादाम का तेल 305 रुपये (500 एमएल) (थोक 250 रुपये) 435 रुपये (650 एमएल) (थोक 261 रुपये)
डियोडरेंट 265 रुपये (200 एमएल) (थोक 165 रुपये) 265 रुपये (200 एमएल) (थोक 128 रुपये)
सेवलोन साबुन 281 रुपये (4 पीस 125 ग्राम प्रति) (थोक 211 रुपये) 425 रुपये (5 पीस 125 ग्राम प्रति) (थोक 220 रुपये)
बाल हटाने की क्रीम 135 रुपये (70 ग्राम) (थोक 105 रुपये) 245 रुपये (100 ग्राम) (थोक 145 रुपये)
(नोट : सूची में पहले रेट उपभोक्ता को मिलने वाले सामान के हैं, जबकि दूसरे रेट डिस्ट्रीब्यूटर और ऑनलाइन कंपनी के हैं)
घर का खर्च हुआ 10 हजार
2021 में हमारे घर का खर्च 5 से 7 हजार के बीच रहता था। 2022 में दो से तीन पर विभिन्न खाद्य पदार्थों के भाव में इजाफा हुआ है। ऐसे में घर खर्च बढ़कर 10 हजार रुपये हो गया है। पिछले चार महीने में महंगाई ने हद ही कर दी है।
-पायल जैन निवासी आनंदपुरी
ऑनलाइन, रिटेल में भारी अंतर
ऑनलाइन में मिलने वाला सामान रिटेल बाजार में उसी अनुपात में नहीं मिलता है। पैकिंग में अंतर होता है। दोनों ही माध्यमों से हमें महंगा सामान मिल रहा है। पिछले माह सामान ऑनलाइन मंगाया था, इस बार रिटेलर से सामान खरीदा। दोनों के वजन में काफी अंतर है। -मोहित चौहान निवासी कंकरखेड़ा