Meerut: बिजली समस्या पर भाकियू का धरना, अधिकारियों से नोकझोंक के बाद खत्म
मोदीपुरम में बिजली समस्या को लेकर भाकियू का धरना अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। एक माह में ट्रांसफार्मर बदलने का भरोसा दिया गया।
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मेरठ में मवाना क्षेत्र के कोल गांव में बिजली की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने धरना दिया। यह धरना पल्लवपुरम फेज दो स्थित अधीक्षण अभियंता मंडल द्वितीय कार्यालय पर सुबह 11 बजे शुरू हुआ। शाम सात बजे तक चले इस धरने के दौरान अधिकारियों और पदाधिकारियों में तीखी नोकझोंक भी हुई।
धरने में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष कल्लू प्रधान, मेहराज मलिक, कुश चौधरी पूर्व जिला महासचिव, नीरज राठी, बबलू चौधरी और विशु मलिक शामिल थे। पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा किया और अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया। कल्लू प्रधान ने बताया कि कोल गांव में बिजली की समस्या छह साल से बनी हुई है।
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63 केवी के ट्रांसफार्मर को 100 केवी में बदलने का प्रस्ताव अभी तक लंबित है। आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली की समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इस दौरान अधिकारियों और पदाधिकारियों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई।
हंगामे के कारण पल्लवपुरम फेज दो क्षेत्र की बिजली करीब सात घंटे तक प्रभावित रही। शाम को अधीक्षण अभियंता उपेंद्र तिवारी ने एक माह में 63 केवी ट्रांसफार्मर को 100 केवी में बदलने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक का धरना समाप्त कर दिया गया।
पल्लवपुरम फेज दो में सात घंटे की विद्युत कटौती से व्यापारियों में हाहाकार मच गया। चौहान मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष शीलेंद्र चौहान ने बताया कि इस लंबे कट से दुकानदारों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। इस दौरान कोई भी व्यापारिक गतिविधियां नहीं हो सकीं, जिससे उनका कारोबार पूरी तरह ठप रहा। विद्युत आपूर्ति सुचारु होने पर ही स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
अधिकारियों से अपील
चौहान मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष शीलेंद्र चौहान ने विद्युत अधिकारियों से अपील की। उन्होंने कहा कि गर्मी के समय में बिजली कटौती को रोकना अत्यंत आवश्यक है। इससे व्यापारी और आमजन अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होंगे। विद्युत विभाग को उपभोक्ताओं की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।