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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: Family was wandering in search of son, his funeral already been done ten days ago.

मेरठ : बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे थे परिजन, उसका दस दिन पहले ही हो चुका था अंतिम संस्कार

Sun, 11 Jul 2021 09:59 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 11 Jul 2021 09:59 AM IST
सार

परिजनों में इस बात का मलाल रहा कि यदि पुलिस हादसे के बाद शव की शनाख्त का प्रयास करती तो इतने दिन तक उन्हें भटकना न पड़ता। 

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Meerut: Family was wandering in search of son, his funeral already been done ten days ago.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के मेरठ में अनोखा मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज कराकर परिजन तलाश में दर-दर भटक रहे थे, उसका 10 दिन पहले ही अंतिम संस्कार भी हो गया। मामला सदर बाजार क्षेत्र का है। शनिवार को इसका खुलासा होने के बाद परिजन विलाप करने लगे। थानेदार ने किसी तरह परिजनों को समझाकर लौटाया।

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माधवपुरम सेक्टर-3 निवासी प्रताप (44) कैंट बोर्ड कर्मचारी था। एक जुलाई को वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। काफी तलाशने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगा तो भाई बिट्टू ने सदर बाजार थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पिछले कई दिन से परिजन प्रताप की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। 
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शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता कल्पना पांडेय के साथ वह फिर सदर बाजार थाने पहुंच गए। इंस्पेक्टर बिजेंद्र पाल राणा परिजनों से पूछताछ कर ही रहे थे कि तभी एक जुलाई को देहलीगेट में दुर्घटना में मारे गए अज्ञात व्यक्ति के मामले पर चर्चा शुरू हुई।
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इंस्पेक्टर ने देहलीगेट थाना पुलिस से विवरण मांगा तो वहां से मृतक का फोटो भेज दिया गया। बिट्टू ने पुलिस को बताया था कि भाई जब घर से निकला था तो उसने नीले रंग की टीशर्ट और लोवर पहन रखा था। देहलीगेट थाने से फोटो आते ही सब दंग रह गए। दरअसल, दुर्घटना में मरा व्यक्ति प्रताप ही था। उसका उसी दिन अज्ञात में अंतिम संस्कार करा दिया गया।


पहचान होते ही परिजन विलाप करने लगे। इंस्पेक्टर ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया। परिजनों में इस बात का मलाल रहा कि यदि पुलिस हादसे के बाद शव की शनाख्त का प्रयास करती तो इतने दिन तक उन्हें भटकना न पड़ता। 

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