मेरठ के परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के खजूरी गांव में हुए दीपक त्यागी हत्याकांड के खुलासे पर परिजनों और ग्रामीणों ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम छह बजे भीड़ ने दीपक के सिर को खजूरी-मेरठ मार्ग पर रख जाम लगा दिया। रात दस बजे के बाद तक अधिकारी ग्रामीणों को समझाते रहे लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। किसान नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ पीड़ित परिवार से बात कर सीबीआई जांच कराएं। उन्होंने सवाल उठाए कि छह इंच के गड्ढे में सिर कैसे दबाया जा सकता है। दीपक के पिता धीरेंद्र त्यागी ने कहा कि फैमीद नट की बेटी से संबंध की बात कहकर पुलिस उनके बेटे को बदनाम कर रही है।
दीपक हत्यकांड: खुलासे पर सवाल, कटा सिर सड़क पर रख धरने पर डटे लोग, दी पलायन की चेतावनी
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ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले में एनआईए से भी जांच कराई जाए। दीपक के भाई को सरकारी नौकरी दी जाए और अधूरा खुलासा करने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो। लोगों ने कहा कि इस हत्याकांड को कम से कम सात लोगों ने अंजाम दिया है। मंगलवार को परिजन व ग्रामीण जैसे ही धरने पर पहुंचे तो महिलाएं भी हाथों में पंपलेट लेकर धरनास्थल पर पहुंच गईं। जिन पर लिखा था 'योगीराज में परीक्षित गढ़ में हिंदुओं का उत्पीड़न, दीपक का सिर तन से जुदा, कटे सिर के साथ हिंदू पलायन करने को मजबूर'। वहीं धरने में लगातार लोगों की संख्या बढ़ रही है।
परीक्षितगढ़ थाना प्रभारी एवं ट्रेनी सीओ सुचिता सिंह के व्यवहार पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। दीपक का धड़ पहले ही मिल गया था और उसका अंतिम संस्कार भी हो चुका है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस फ्रीजर में सिर रख खजूरी ले गई तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। एसपी देहात, सीओ सदर देहात समेत कई थानों की पुलिस खजूरी पहुंच गई। मांगेराम त्यागी ने कहा कि हमारे समाज के 99 फीसदी लोगों ने वोट देकर सरकार बनाई और आज हमे ही सड़क पर बैठना पड़ रहा है।
सांप्रदायिक तनाव फिर भी गंभीर नहीं हुई पुलिस
सोमवार को दिन में दो हत्यारोपी गिरफ्तार कर दीपक का सिर बरामद करने के बाद अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस लौट गई। पुलिस का बर्ताव देख ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता गया। सुबह से शाम तक खजूरी में दूसरे गांव के लोगों की भी आवाजाही बढ़ती गई। गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी रही, फिर भी पुलिस गंभीर नहीं हुई। तनाव बढ़ा तो पुलिस फिर से खजूरी गांव की तरफ दौड़ी। एसपी देहात का कहना है कि पुलिस-फोर्स गांव में लगा हुआ है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है।
इंसाफ के लिए लड़ेंगे
खजूरी-मेरठ मार्ग पर धरने पर बैठे त्यागी समाज के लोगों ने कहा कि हम कमजोर नहीं हैं। भाजपा सरकार में उनका उत्पीड़न हो रहा है। दीपक त्यागी के पिता धीरेंद्र त्यागी ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में गांव के अन्य लोग भी शामिल है। जिनको बचाने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पुलिस ने सरिया चोरी के मामले में फैमीद को जेल भेजा था। उन सभी लोगों के चेहरे सामने आने चाहिए, जिन्होंने तालिबानी तरीके से यह हत्या की है। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने की जानकारी पर प्रशासनिक अधिकारियों ने धरने पर बैठे लोगों से बातचीत की। एसपी देहात केशव कुमार ने आश्वासन दिया कि वह हत्यारोपियों का नारको टेस्ट कराएंगे। सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। हत्या में कोई दूसरे लोग भी होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।