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Meerut: फर्जी कॉल सेंटर का मामला, दो साल में करोड़पति हो गए ठग, बेरोजगार युवक और युवतियों को बनाते थे निशाना

Tue, 27 Dec 2022 04:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 27 Dec 2022 04:38 PM IST
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Meerut: Fake call center case, thugs became millionaires in two years
फर्जी कॉल सेंटर मामला - फोटो : अमर उजाला

बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले की पुलिस जांच में कारनामें उजागर होने लगे हैं। दो साल में पांच करोड़ रुपये ठगकर आरोपी करोड़पति हो गए है। सोमवार को मेडिकल पुलिस ने आरोपी रंजन कुमार, उनकी पत्नी स्वेता, नारायण केला के 15 बैंक खातों को सीज करा दिया है। जिसमें काफी पैसा बताया गया है। पुलिस का कहना कि फरार चार आरोपियों की तलाश में कई जगह पर दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। पुलिस फरार आरोपियों के बैंक खाते का भी पता लगा रही है।

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एसटीएफ एएसपी बृजेश सिंह और इंस्पेक्टर मेडिकल अखिलेश गौड ने पुलिस टीम लेकर शुक्रवार शास्त्रीनगर स्थित भूतनाथ चौराहे के पास छापा मारकर कॉल सेंटर पकड़ा था। जहां पर बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का खेल चल रहा था।
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पुलिस टीम ने कोलाब रोड मुजफ्फरपुर बिहार निवासी रंजन कुमार, शास्त्रीनगर ई-ब्लाक निवासी नारायण केला और भोलाझाल जानी निवासी मोहित शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद रंजन की पत्नी स्वेता, अनुज पूनिया, जिगर और नियाज को भी आरोपी बनाया गया। फरार चारों आरोपियों की तलाश में मेडिकल पुलिस और एसटीएफ ने दबिश दी, लेकिन किसी को सुराग नहीं लगा।

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि 2 साल में करीब पांच करोड रुपये की बेरोजगारों से ठगी हुई है। आरोपियों ने अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए है। पुलिस ने रंजन, स्वेता और नारायण केला के 15 बैंक खाते मिले है। जिनको पुलिस ने बैंक अधिकारियों से मिलकर सीज कराया है।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के 15 बैंक खाते है। उनका भी पता कराया जा रहा है। आरोपियों ने अधिकांश खाते दूसरे के नाम खुलवाएं हुए है। जिनका पुलिस पता करने में लगी है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना कि मेडिकल पलिस और एसटीएफ जांच करने में लगी है। ठगी के शिकार लोगों का भी पता कराया जा रहा है। पीड़ितों को पैसा वापस दिलाया जाएगा।

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