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Meerut: हस्तिनापुर के भीमकुंड गंगा घाट पर बिना अनुमति लगा दिया मेला, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

Sun, 06 Nov 2022 02:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 06 Nov 2022 02:06 PM IST
सार

प्रशासन की और से हस्तिनापुर में मखदूमपुर गंगा घाट और और हस्तिनापुर के बूढ़ी गंगा किनारे मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस बार खतरे को देखते हुए भीमकुंड गंगा घाट पर मेला लगाने की मनाही थी, लेकिन कुछ लोगों ने अवैध रूप से कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले का आयोजन करा दिया है।

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Meerut: Fair was organized at Bhimkund Ganga Ghat in Hastinapur without permission
बिना अनुमति मेला - फोटो : amar ujala

विस्तार

हस्तिनापुर क्षेत्र में भीमकुंड गंगा घाट पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले का आयोजन करा दिया है। पुलिस की सख्ती के बाद भी कुछ लोग नहीं माने और मेले का आयोजन शुरू करा दिया गया, जबकि शासन प्रशासन के अधिकारियों ने मेला आयोजित ने होने की हिदायत दी थी। 

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क्षेत्र में शासन की ओर से मखदूमपुर गंगा घाट और और हस्तिनापुर के बूढ़ी गंगा किनारे मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। लेकिन बिजनौर के नारनौर निवासी कुछ लोगों ने पुलिस अधिकारियों की मनाही के बावजूद जबरन भीमकुंड गंगा घाट पर गंगा पार की ओर मेले का आयोजन करा दिया है, जबकि यह क्षेत्र थाना हस्तिनापुर के अंतर्गत आता है।

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वहीं मवाना राजस्व विभाग की यह भूमि गंगा किनारे पर मौजूद है। इसलिए सभी जिम्मेदारी मेरठ प्रशासन की होगी। इसके बावजूद पुलिस ने 2 दिन पूर्व यहां पर मेला में आयोजित न कराने की सख्त हिदायत देते हुए मेला स्थल से उक्त लोगों को भगा दिया था। बावजूद इसके यहां पर मेले का आयोजन किया जा रहा है, जबकि यहां पर शासन-प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था और कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है।

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यह भी पढ़ें: गंगा स्नान 2022: भगीरथी के तट पर बसा आस्था का शहर, पांच लाख श्रद्धालुओं के मेले में पहुंचने की संभावना

स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां पर कोई भी बड़ा हादसा या कोई अप्रिय घटना हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? इस संबंध में थाना पुलिस लगातार उक्त लोगों को मेला आयोजित ने कराने की बात कह रही है। 

बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम को दो लोगों को हिरासत में लिया गया था और सख्त चेतावनी भी दी गई थी। बावजूद इसके रविवार की सुबह एक बार फिर मेला स्थल को सजा दिया गया है। 

इस संबंध में थाना प्रभारी बच्चू सिंह ने बताया कि मेला आयोजकों से रविवार को ही मेला में आयोजित कराने की बात कही गई थी और लिखित में भी लिया गया था। उसके बाद भी रविवार सुबह को मेले आयोजित होने की सूचना मिली है, जिसके बाद मौके पर पुलिस फोर्स भेजी गई है। इस मामले में लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति में यहां पर मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।

इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता पंडित गोपाल शर्मा, कस्बे के ओमपाल सिंह दीपक आदि ने बताया कि हस्तिनापुर क्षेत्र में दो स्थानों पर कार्तिक पूर्णिमा का आयोजन किया जाता है। इसलिए अवैध रूप से गंगा घाट पर किसी तीसरे मेले का आयोजन नहीं होना चाहिए। यहां पर कोई बड़ा हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

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