{"_id":"64310c0a63847459dc071923","slug":"meerut-electricity-bill-of-nine-lakhs-asked-for-one-lakh-rupees-to-fix-it-then-did-two-lakhs-now-the-commi-2023-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut: नौ लाख का बिजली बिल..., ठीक करने के मांगे एक लाख रुपये, फिर किया दो लाख, अब जांच करेगी समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: नौ लाख का बिजली बिल..., ठीक करने के मांगे एक लाख रुपये, फिर किया दो लाख, अब जांच करेगी समिति
Sat, 08 Apr 2023 12:09 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:09 PM IST
सार
मेरठ में एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार का बिजली बिल नौ लाख रुपये आया। बिजली विभाग में शिकायत की गई तो लेखाकार ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। काफी हंगामा हुआ तो बिजली बिल दो लाख रुपये कर दिया गया। अब इस पर जांच बैठा दी गई है।
विज्ञापन
- फोटो : Istock
विस्तार
मेरठ में बिजली बिल कम करने के नाम पर बिजली विभाग के एक लेखाकार ने स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से रिश्वत की मांग की। इसकी शिकायत होने पर चीफ इंजीनियर ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। अधिशासी अभियंता संशोधित करके नौ लाख रुपये का बिल दो लाख रुपये का बनाकर दे दिया है।
विज्ञापन
रोहटा रोड निवासी सुनीत त्यागी के ताऊ रघुवीर सिंह त्यागी स्वतंत्रता सेनानी थे। सुनीत त्यागी ने बताया कि उनका रोहटा रोड पर कॉम्प्लेक्स बना हुुआ है। बिजली विभाग ने गलत तरीके से नौ लाख रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। जब उसे ठीक कराने के लिए वह विभागीय अधिकारियों के पास पहुंचे तो पिछले छह माह से उन्हें बिजली बिल ठीक करने के नाम पर चक्कर कटाए गए।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Meerut News Live: सैकड़ों घर-दुकानें तोड़ने की तैयारी,व्यापारियों में खलबली, अप्रैल में सबसे गर्म रहा शुक्रवार
विज्ञापन
जेल चुंगी स्थित अधिशासी अभियंता के कार्यालय में कई बार शिकायत के बावजूद उनका बिल ठीक नहीं किया गया। विभाग के एक लेखाकर ने बिल ठीक करने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
सुनीत कुुमार एक लाख रुपये लेकर संबंधित अधिशासी अभियंता के कार्यालय में पहुंच गए और रिश्वत मांगने वाले लेखाकार को बुलाने के लिए कहा। इसपर कार्यालय में हंगामा हो गया। विभाग की ओर से उनका नौ लाख रुपये का बिल करीब दो लाख रुपये का बनाकर दे दिया गया।
आरोप काफी गंभीर है, इसमें दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई। अगर लेखाकार दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनुराग अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पीवीवीएनएल