डबल मर्डर का खुलासा: बिमला देवी और हिस्ट्रीशीटर का हत्यारोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, दोनों पैरों में लगी गोली
मेरठ के मवाना में पुलिस मुठभेड़ के दौरान डबल मर्डर के आरोपी शिवम के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बिमला देवी और हिस्ट्रीशीटर संतराम की हत्या के साथ दो लूट की वारदात कबूल की हैं।
विस्तार
मेरठ में बिमला देवी और हिस्ट्रीशीटर संतराम की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मवाना नहर के पास पुलिस मुठभेड़ में मवाना निवासी आरोपी शिवम दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बिमला देवी से लूटा गया मोबाइल बरामद किया है। पुलिस अब फरार साथी और कुंडल-लॉकेट खरीदने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है।
मवाना नहर के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार बुधवार रात मवाना नहर के पास बाइक सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने और घेराबंदी का प्रयास किया तो आरोप है कि बाइक सवारों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में शिवम के दोनों पैरों में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। उसका साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिमला देवी की हत्या के बाद सामने आया था संदिग्ध
13 सितंबर की दोपहर गणेशपुर निवासी 65 वर्षीय बिमला देवी का लहूलुहान शव सड़क किनारे मिला था। पुलिस के अनुसार ईंट से सिर और चेहरा कुचलकर उनकी हत्या की गई थी। परिजनों ने लूटपाट के बाद हत्या का आरोप लगाया था। बेटे जॉनी की तहरीर पर हत्या और लूट की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
परिजनों के अनुसार बिमला देवी के पास कीपैड मोबाइल था। उनके कानों में सोने के कुंडल, गले में सोने का ओम लॉकेट और पैरों में चांदी की पायल थी। इनमें से सामान लूट लिया गया था।
सीसीटीवी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने वारदात के आसपास आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें एक संदिग्ध युवक बिमला देवी के करीब चलता दिखाई दिया था। वह नंगे पैर था। इसके बाद पुलिस उसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने लूट के लिए बिमला देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की है। उसके कब्जे से महिला का मोबाइल भी बरामद हुआ है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी शिवम ने 17 मई को जलालपुर मकबूलपुर निवासी 50 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर संतराम की भी हत्या की थी। संतराम 17 मई से लापता था। 18 मई को उसके बेटे रोहिन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
25 मई को हस्तिनापुर क्षेत्र में दुधली-बस्तोरा मार्ग के पास पुराने सरकारी क्वार्टर में उसका सड़ा-गला शव मिला था। उसके सिर और चेहरे पर भी ईंट से वार किए जाने की बात सामने आई थी। शव की पहचान गले की माला, पैर की चप्पल और पास मिली डायरी के आधार पर हुई थी। पुलिस ने डीएनए मिलान कराने की बात कही थी।
संतराम पर दर्ज थे 38 मुकदमे
संतराम के खिलाफ 38 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई थी। वर्ष 2011 में भावनपुर क्षेत्र के इस्लामाबाद छीलोराकी निवासी जगबीर की हत्या के मामले में 13 सितंबर 2019 को अदालत ने उसे सजा सुनाई थी। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। वारदात से करीब एक साल पहले वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था।
दो लूट और अन्य हत्याओं की भी जांच
एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार आरोपी ने दो हत्याओं और दो लूट की वारदात कबूल की हैं। बड़ौत में हुई दो लूट की घटनाओं के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी का किसी अन्य वारदात से संबंध है या नहीं।
पुलिस के अनुसार आरोपी के फरार साथी और लूटे गए कुंडल-लॉकेट खरीदने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है। मवाना क्षेत्र में 11 मई 2026 को नर्सरी के पास हुई ईंट से कुचलकर हत्या की घटना की भी जांच की जा रही है, हालांकि उस मामले में पुलिस ने मनोज शर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सीरियल किलर होने की आशंका की जांच
पुलिस के सामने आरोपी के सीरियल किलर होने की आशंका भी सामने आई है। पुलिस अन्य वारदातों में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि अधिकांश बिंदुओं पर जांच जारी है। फरार आरोपी साथी और अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पुलिस कार्रवाई कर रही है।