Meerut: जिंदगी मौत से जूझ रहा डॉग शौर्य, खोपड़ी में धंसे थे करीब 200 छर्रे,150 निकाले गए, दोनों आंखें भी गंवाई
मेरठ में गोली का शिकार हुए डॉगी शौर्य का दिल्ली में इलाज चल रहा है। सर्जरी के दौरान उसके शरीर से 150 छर्रे निकाले गए हैं। गंभीर चोटों के कारण वह अपनी दोनों आंखें गंवा चुका है। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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मेरठ में गोली का शिकार हुए डॉगी शौर्य की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टर लगातार प्रयास कर रहे हैं। गंभीर रूप से घायल शौर्य का उपचार नई दिल्ली के कैलाश कॉलोनी स्थित एक निजी पशु चिकित्सालय में चल रहा है। हालत नाजुक होने के बावजूद चिकित्सकों की टीम उसकी जान बचाने में जुटी हुई है।
करीब से मारी गई थी गोली
जानकारी के अनुसार 13 जून को मेरठ के सरधना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने बेहद नजदीक से शौर्य पर गोली चला दी थी। घटना के बाद करन पुरी फाउंडेशन की टीम उसे तत्काल दिल्ली लेकर पहुंची और निजी पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया। मामले ने पशु प्रेमियों और पशु कल्याण से जुड़े संगठनों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया था।
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खोपड़ी में धंसे थे करीब 200 छर्रे
चिकित्सकों के अनुसार शौर्य के सिर और शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे धंस गए थे। कई घंटे तक चले जटिल शल्य उपचार के दौरान अब तक लगभग 150 छर्रे निकाले जा चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ छर्रे शरीर के ऐसे हिस्सों में फंसे हैं, जहां उन्हें निकालना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए वे शरीर में ही रह सकते हैं।
दोनों आंखें गंवानी पड़ीं
गोली लगने से शौर्य की आंखों को गंभीर क्षति पहुंची थी। चिकित्सकों के मुताबिक चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी दोनों आंखें निकालनी पड़ीं। इसके चलते वह अब हमेशा के लिए दृष्टिहीन हो गया है। हालांकि चिकित्सक उसकी जान बचाने के लिए लगातार उपचार कर रहे हैं और उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
आरोपी जेल भेजा गया
करन पुरी फाउंडेशन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शमी उर्फ सानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फाउंडेशन से जुड़ी दिव्या पुरी ने कहा कि यह घटना पशुओं के प्रति बढ़ती क्रूरता का गंभीर उदाहरण है। वहीं पशु कल्याण कार्यकर्ता प्रिय चोपड़ा ने कहा कि बेजुबान जानवरों के खिलाफ हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पशु क्रूरता पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद पशु संरक्षण और पशु अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। पशु प्रेमियों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर दंड और प्रभावी कानूनों का सख्ती से पालन जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।