{"_id":"5cb8d87bbdec2214435fd4fc","slug":"meerut-delhi-express-way-boundary-wall","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे : बनने लगी बाउंड्री वॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे : बनने लगी बाउंड्री वॉल
Fri, 19 Apr 2019 03:33 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Fri, 19 Apr 2019 03:33 AM IST
सार
-एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ बनाई गई दीवार, इस साल पूरा करना होगा काम
विज्ञापन
एक्सप्रेस-वे का होता निर्माण कार्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर बाहर से कोई वाहन इंट्री न कर सके, इसके लिए दोनों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू हो गया है। अहम बात यह है कि रैपिड ट्रेन का काम इसी साल दिसंबर माह से शुरू होगा। इससे पहले ही एनएचएआई को एक्सप्रेस वे का काम पूरा करना होगा, ताकि दिल्ली की कनेक्टिवटी इससे पहले ही दुरुस्त हो जाए।
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान मेरठ दिल्ली मार्ग पर आज से सर्विस रोड पर काम शुरू हो सकता है। एनएचएआई टीम ने तैयारी पूरी कर ली है। दरअसल यहां फैली अव्यवस्थाओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसका नतीजा यह रहा कि अब यहां समस्याओं का निदान किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में सबसे अहम काम है, परतापुर में अंडरपास और आरओबी का निर्माण। यहां काम भले ही ठंडा पड़ा हो पर मुख्य ट्रैक पर काम तेज हो गया है। दीवार लगाने का महत्वपूर्ण काम शुरू कर दिया गया है। दीवार के सामने भीतर की तरफ उन पेड़ों को शिफ्ट किया गया है, जिन्हें मुख्य एलाइनमेंट से उखाड़ा गया है।
इस साल नहीं बना तो आएगी आफत
रैपिड ट्रेन को लेकर बुधवार को आयुक्त अनीता मेश्राम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें एनसीआरटीसी समेत कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था। इसमें सामने आया कि रैपिड ट्रेन का काम इसी साल दिसंबर में शुरू हो जाएगा। उधर मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है। 2020 तक ही इसके पूरे होने के आसार हैं। इससे बड़ा पेंच फंस गया है। यदि रैपिड पर काम शुरू हो गया और एक्सप्रेस वे नहीं बना तो दिल्ली आने जाने के लिए मेरठवासियों के दिक्कत हो जाएगी। अभी मेरठ-दिल्ली वाया मोदीनगर मार्ग पर जाम के हालात हैं। जब रैपिड पर काम शुरू होगा तो बीच मार्ग में पिलर बनेंगे और फिर यहां ट्रैफिक का क्या हाल होगा। अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू
इस मार्ग पर एलाइनमेंट के बीच में आ रहे अतिक्रमण को एनएचएआई ने तोड़ना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को परतापुर तिराहे पर बने गैराज को ध्वस्त कर दिया। वहीं पश्चिम साइड में बनने वाले अंडरपास से पहले यातायात के लिए सर्विस रोड बना दी गई। सोलाना, काशी व अछरोंडा के पीछे एक्सप्रेस वे पर कुछ जगह डामर डाल दिया गया। बहादरपुर जाने के लिए अंडरपास तैयार कर खोल दिया गया। वहीं सौलाना और काशी के पीछे टोल टैक्स के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया। एक्सप्रेस वे के किनारे दीवारें भी बननी शुरू हो गईं। 32 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे के बीच आने वाली रेलवे लाइन के पास भी पिलर तैयार किए जा रहे हैं। उधर एनएचएआई डिपो पर मिक्सिंग का काम चल रहा है। परतापुर तिराहे व भूडबराल के बीच बनने वाले आरओबी से आठ कनेक्टिविटी दी जानी हैं। इसके लिए मैप का सर्वे कर लिया गया। पैमाइश का काम जारी है।
विज्ञापन
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे निर्माण के दौरान मेरठ दिल्ली मार्ग पर आज से सर्विस रोड पर काम शुरू हो सकता है। एनएचएआई टीम ने तैयारी पूरी कर ली है। दरअसल यहां फैली अव्यवस्थाओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसका नतीजा यह रहा कि अब यहां समस्याओं का निदान किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में सबसे अहम काम है, परतापुर में अंडरपास और आरओबी का निर्माण। यहां काम भले ही ठंडा पड़ा हो पर मुख्य ट्रैक पर काम तेज हो गया है। दीवार लगाने का महत्वपूर्ण काम शुरू कर दिया गया है। दीवार के सामने भीतर की तरफ उन पेड़ों को शिफ्ट किया गया है, जिन्हें मुख्य एलाइनमेंट से उखाड़ा गया है।
विज्ञापन
इस साल नहीं बना तो आएगी आफत
रैपिड ट्रेन को लेकर बुधवार को आयुक्त अनीता मेश्राम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें एनसीआरटीसी समेत कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था। इसमें सामने आया कि रैपिड ट्रेन का काम इसी साल दिसंबर में शुरू हो जाएगा। उधर मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है। 2020 तक ही इसके पूरे होने के आसार हैं। इससे बड़ा पेंच फंस गया है। यदि रैपिड पर काम शुरू हो गया और एक्सप्रेस वे नहीं बना तो दिल्ली आने जाने के लिए मेरठवासियों के दिक्कत हो जाएगी। अभी मेरठ-दिल्ली वाया मोदीनगर मार्ग पर जाम के हालात हैं। जब रैपिड पर काम शुरू होगा तो बीच मार्ग में पिलर बनेंगे और फिर यहां ट्रैफिक का क्या हाल होगा। अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
अतिक्रमण ध्वस्त करना शुरू
इस मार्ग पर एलाइनमेंट के बीच में आ रहे अतिक्रमण को एनएचएआई ने तोड़ना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को परतापुर तिराहे पर बने गैराज को ध्वस्त कर दिया। वहीं पश्चिम साइड में बनने वाले अंडरपास से पहले यातायात के लिए सर्विस रोड बना दी गई। सोलाना, काशी व अछरोंडा के पीछे एक्सप्रेस वे पर कुछ जगह डामर डाल दिया गया। बहादरपुर जाने के लिए अंडरपास तैयार कर खोल दिया गया। वहीं सौलाना और काशी के पीछे टोल टैक्स के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया। एक्सप्रेस वे के किनारे दीवारें भी बननी शुरू हो गईं। 32 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे के बीच आने वाली रेलवे लाइन के पास भी पिलर तैयार किए जा रहे हैं। उधर एनएचएआई डिपो पर मिक्सिंग का काम चल रहा है। परतापुर तिराहे व भूडबराल के बीच बनने वाले आरओबी से आठ कनेक्टिविटी दी जानी हैं। इसके लिए मैप का सर्वे कर लिया गया। पैमाइश का काम जारी है।