सेलरी मोटी लेकिन नीयत खोटी: दरोगा ने वर्दी में शोरूम से उठाए कपड़ों के चार बैग, अब हुई ये बड़ी कार्रवाई
मेरठ के हापुड़ अड्डा स्थित शोरूम से कपड़े चोरी करने के आरोप में टीएसआई सुमित वशिष्ठ को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दिए। व्यापारी नेताओं के हंगामे के बाद हुई कार्रवाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ शहर के हापुड़ अड्डा स्थित सिंघल गारमेंट्स शोरूम से कपड़े चोरी करने के मामले में यातायात दरोगा सुमित वशिष्ठ को एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने लाइन हाजिर कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
यह विवाद 10 जून से शुरू हुआ जब वर्दी पहने दरोगा एक ग्राहक के चार कपड़ों के बैग शोरूम से लेकर चले गए। दरअसल, हापुड़ अड्डे पर सीताराम गुप्ता की सिंघल गारमेंट्स के नाम से दुकान है। दुकान पर उनका बेटा विशन गुप्ता बैठता है।
व्यापारी दरोगा से बैग लेने पहुंचा तो उसने इसकी कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया। इस पर व्यापारी ने दरोगा को सीसीटीवी फुटेज दिखाई। इसके कुछ देर बाद दरोगा ने सिपाही के हाथ बैग दुकान पर भिजवा दिए। दस दिन चुप रहने के बाद 21 जून को दरोगा व्यापारी की दुकान पर पहुंचा और बाहर खड़े वाहनों के चालान काटने लगा। दुकान का काउंटर जबरन हटवाने लगा।
दरोगा के न मानने पर संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों और भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा से इस मामले की शिकायत की। कमल दत्त शर्मा ने एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा को पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए टीएसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। कुछ ही देर में व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा करना शुरु कर दिया।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामले को शांत कराया। एसएसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय जांच शुरू करा दी। सोमवार को इस मामले में पुलिस ने सीताराम गुप्ता के बयान दर्ज किए।