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यूपी: ध्वस्त होगा बंगला नंबर 210बी, मकान मालिकों में मचा हड़कंप, किया ये बड़ा ऐलान

Fri, 21 Dec 2018 04:54 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 21 Dec 2018 04:54 PM IST
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Meerut, Bungalow number 210 B will be demolished and landlords have made a big announcement
सदर बॉम्बे बाजार स्थित बंगला नंबर 210 बी में बने मकानॉ - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में बंगला नंबर 210बी में छह कोठी मालिकों को कैंट बोर्ड की तरफ से नोटिस भेजकर इन्हें खाली करने को कहा गया है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। वहीं, यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि इस तरह से कैंट बोर्ड उनको बाहर नहीं कर सकता है। यदि उनके मकान ध्वस्त किए गए तो यहां रहने वाले सैकड़ों लोग परिवारों के साथ आत्मदाह कर लेंगे, जिसकी जिम्मेदारी कैंट बोर्ड की होगी।

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कैंट बोर्ड द्वारा बंगला नंबर 210बी के ध्वस्तीकरण के लिए डीएम-एसएसपी से पुलिस बल की मांग किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट ने कैंट बोर्ड को स्पष्ट आदेश दिए थे कि जनता के हित को देखते हुए कार्रवाई करें। लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट ने उन अफसरों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश भी दिए थे जिनके कार्यकाल में यह निर्माण हुए थे, लेकिन कैंट बोर्ड उन पर कार्रवाई करने की बजाय यहां रहने वाले लोगों को नोटिस भेजकर परेशान कर रहा है। 
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कहां जाएंगे 600 लोग
बंगला नंबर 210बी में रहने वाले ललित गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि यहां पर कोई निर्माण ध्वस्त नहीं किया जाएगा। प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त के साथ ही निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई थी। अगर कैंट बोर्ड ने यहां निर्माण ध्वस्त करता है तो यहां रहने वाले छह सौ लोग कहां जाएंगे। हम सभी बच्चों-महिलाओं, बुजुर्गों केसाथ सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लेंगे।

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तमाम केस पेंडिंग है
संजीव कुमार जैन का कहना है कि 29 जनवरी 2014 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आदेश दिया था कि कैंट बोर्ड जनता के हितों को देखते हुए साल 2006 के अनुसार कार्रवाई करे। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट, लखनऊ और सुप्रीम कोर्ट में तमाम केस पेंडिंग हैं। ऐसे में कैंट बोर्ड ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कैसे कर सकता है। अगर ऐसा किया गया तो यहां रहने वाले परिवार आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

अनूप गर्ग का कहना है कि कैंट बोर्ड अक्सर नोटिस जारी करके यहां रहने वाले को परेशान करता रहता है। हम लोग मर जाएंगे, लेकिन अपनी जमा पूंजी लगाकर बनाए गए मकानों को तोड़ने नहीं देंगे। विनय कौशिक का कहना है कि कैंट बोर्ड की वजह से ही यहां पर आरआर माल केध्वस्तीकरण केदौरान चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भीलोगों को परेशान किया जा रहा है। वेद प्रकाश मित्तल, नरेंद्र सिंह और राजीव सिंघल का कहना है कि हाईकोर्ट के किसी भी निर्णय में ध्वस्तीकरण का कोई आदेश नहीं है। इसके बाद भी कैंट बोर्ड की तरफ से छह लोगों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही कई लोगों मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। ऐसे में कैसे मकान ध्वस्त किए जा सकते हैं।

आखिर बंगला नंबर 210बी ही क्यों
इस मामले में कैंट बोर्ड के पूर्व सदस्य जगमोहन शाकाल का कहना है कि कैंट क्षेत्र में 210बी के अलावा दूसरे कई ऐसे प्रकरण पेंडिंग पड़े हैं। बंगला नंबर 173 का भी ऐसा ही प्रकरण है, लेकिन व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में कैंट बोर्ड को ऐसे सभी मामलों में कार्रवाई करनी चाहिए। बार-बार बंगला नंबर 210बी में रहने वालों को ही नोटिस जारी किया जाना ठीक नहीं है।

ये है मामला
कैंट बोर्ड ने 9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी के आरआर माल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। तब मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके चलते पूरा अभियान नहीं चल पाया था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें रह गईं थी। जनवरी महीने में आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने अपना सामान रख लिया था। इसके बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। अप्रैल महीने में भारी पुलिस फोर्स के साथ कैंट बोर्ड की टीम ने बंगला नंबर 210बी की दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। तत्कालीन सीईओ ने उस वक्त दुकानों के बाद 210 बी बंगले में बनी कोठियों और दूसरे निर्माणों को भी ध्वस्त करने की बात कही थी। अब सीईओ ने मंगलवार को डीएम और एसएसपी से पुलिस बल मांगकर यहां कोठियों-मकानों तो ध्वस्त करने की बात कही है।

कंपांउड कराने का प्रयास करेंगे
हम एक भी आवासीय भवन को टूटने नहीं देंगे। हाईकोर्ट ने अपने ऑर्डर में ये भी कहा है कि कैंट बोर्ड इस मामले में अपना निर्णय ले सकता है। हम इस मामले को बोर्ड बैठक में रखकर कंपाउंड कराने का प्रयास करेंगे। - बीना वाधवा, कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष

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