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मेरठ के बिल्डर संजीव मित्तल ने नोटबंदी में किया था बड़ा खेल, 158 करोड़ से अधिक का लगा जुर्माना
Sun, 19 Jan 2020 12:17 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 19 Jan 2020 12:17 PM IST
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नोटबंदी
- फोटो : self
मेरठ के बिल्डर संजीव मित्तल ने नोटबंदी के दौरान बड़ा खेल किया था। सूत्रों के अनुसार उस समय करीब 125 करोड़ रुपये से ज्यादा के नोट एनआरआई खातों से बदलवाए थे। शहर के कई बड़े कारोबारियों ने संजीव मित्तल की मदद ली थी। पुलिस ने नोट बरामद किए तो मौके से चार कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
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संजीव मित्तल के यहां पुलिस कार्रवाई के दौरान एक डायरी बरामद हुई थी। जिसमें कई राज खुले थे। संजीव मित्तल रियल एस्टेट के काम में तो डूब चुका था, लेकिन नोट बंदी के दौरान उसने नोट बदलवाने की दलाली शुरू की और जमकर पैसा कमाया। मेरठ ही नहीं बल्कि दूसरे शहरों के भी कारोबारियों और अधिकारियों ने संजीव मित्तल के नोट बदलवाए थे। जैसे ही एनआरआई अकाउंट में भारतीय पैसा प्रतिबंधित हुआ, 25 करोड़ रुपये रुक गए थे।
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कंप्यूटर हार्डवेयर की दुकान से रियल एस्टेट तक
संजीव मित्तल की लगभग 18 साल पहले शारदा रोड पर कंप्यूटर हार्डवेयर की दुकान हुआ करती थी। जब काम नहीं चला तो कनॉट प्लेस दिल्ली में काम शुरू कर दिया। यहां से वह प्रॉपर्टी डीलरों से जुड़ा और उसके बाद रियल एस्टेट के काम से जुड़ गया।
आयकर विभाग ने की 12 खातों की जांच
आयकर विभाग ने संजीव मित्तल, पत्नी सीमा मित्तल, पुत्र ऋषभ मित्तल, फर्म ऋषभ हाइट्स समेत 12 खातों की जांच की। इसके अलावा संजीव मित्तल के कराए गए निर्माण की भी गहनता से जांच की।
इस लंबी जांच के दौरान 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का आकलन आयकर विभाग ने किया। 158 करोड़ 57 लाख 54 हजार 690 रुपये पेनाल्टी सहित टैक्स जमा करने के लिए संजीव मित्तल को नोटिस जारी किया है।
संजीव मित्तल की लगभग 18 साल पहले शारदा रोड पर कंप्यूटर हार्डवेयर की दुकान हुआ करती थी। जब काम नहीं चला तो कनॉट प्लेस दिल्ली में काम शुरू कर दिया। यहां से वह प्रॉपर्टी डीलरों से जुड़ा और उसके बाद रियल एस्टेट के काम से जुड़ गया।
आयकर विभाग ने की 12 खातों की जांच
आयकर विभाग ने संजीव मित्तल, पत्नी सीमा मित्तल, पुत्र ऋषभ मित्तल, फर्म ऋषभ हाइट्स समेत 12 खातों की जांच की। इसके अलावा संजीव मित्तल के कराए गए निर्माण की भी गहनता से जांच की।
इस लंबी जांच के दौरान 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का आकलन आयकर विभाग ने किया। 158 करोड़ 57 लाख 54 हजार 690 रुपये पेनाल्टी सहित टैक्स जमा करने के लिए संजीव मित्तल को नोटिस जारी किया है।
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25 लोगाें पर हो सकती है कार्रवाई
आयकर विभाग को संजीव मित्तल के यहां से मिले अभिलेखों में कुछ चौंकाने वाली जानकारियां भी मिली थीं। जिसमें करीब 25 बड़े व्यापारी, सराफा कारोबारी, बिल्डर और प्रकाशकों के नाम सामने आए।
इन लोगों से संजीव मित्तल का नकद मोटा लेनदेन हुआ था। जिसके चलते आयकर विभाग ने इन्हें भी गोपनीय जांच के दायरे में शामिल कर लिया था। इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रॉपर्टी का किया गलत आकलन
संजीव मित्तल के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा का कहना है कि आयकर विभाग ने करीब 500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति का जो आकलन किया और उस पर करीब 158 करोड़ से अधिक का टैक्स लगाया है, वह त्रुटिपूर्ण है। हम इसकी अपील करेंगे। मेरे क्लाइंट पूरी तरह निर्दोष हैं। लीगल टेंडर खत्म होने के बाद पुलिस द्वारा पकड़ा गया कथित रुपया सिर्फ कागज था।
आयकर विभाग को संजीव मित्तल के यहां से मिले अभिलेखों में कुछ चौंकाने वाली जानकारियां भी मिली थीं। जिसमें करीब 25 बड़े व्यापारी, सराफा कारोबारी, बिल्डर और प्रकाशकों के नाम सामने आए।
इन लोगों से संजीव मित्तल का नकद मोटा लेनदेन हुआ था। जिसके चलते आयकर विभाग ने इन्हें भी गोपनीय जांच के दायरे में शामिल कर लिया था। इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
प्रॉपर्टी का किया गलत आकलन
संजीव मित्तल के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा का कहना है कि आयकर विभाग ने करीब 500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति का जो आकलन किया और उस पर करीब 158 करोड़ से अधिक का टैक्स लगाया है, वह त्रुटिपूर्ण है। हम इसकी अपील करेंगे। मेरे क्लाइंट पूरी तरह निर्दोष हैं। लीगल टेंडर खत्म होने के बाद पुलिस द्वारा पकड़ा गया कथित रुपया सिर्फ कागज था।