फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut become the base of Gokshi, police has filed more than sixty cases

गोकशी का अड्डा बना यूपी का यह जिला, दागदार हो रहा खाकी और खादी का दामन, पुलिस के दावे फेल

Wed, 16 Dec 2020 01:19 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 16 Dec 2020 01:19 PM IST
सार

  • बुलंदशहर, सहारनपुर, बागपत और मुजफ्फरनगर में भी बढ़ रहे मामले
  • खाकी और खादी का दामन दागदार कर रही गोकशी

विज्ञापन
Meerut become the base of Gokshi, police has filed more than sixty cases
मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ गोकशी का अड्डा बन गया है। बुलंदशहर, सहारनपुर, बागपत और मुजफ्फरनगर में भी मामले बढ़ रहे हैं। योगी सरकार के कड़े निर्देशों के बावजूद यह धंधा न केवल फल फूल रहा है, बल्कि खाकी और खादी का दामन भी दागदार हो रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में रोजाना मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पुलिस गंभीर नहीं है।

विज्ञापन


मेरठ जिले में भावनपुर, किठौर, खरखौदा, लिसाड़ी गेट, परतापुर और सरधना में सबसे ज्यादा गोकशी की घटनाएं हो रही है। पुलिस की ‘हाफ मुठभेड़’ भी गोकशों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मेरठ में गोकशी के केस ज्यादा आने के बावजूद पुलिस खानापूर्ति के लिए अभियान चलाती हैं।
विज्ञापन


गोकशों के सरगना और उसके गुर्गों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, जिसके चलते पुलिस और नेताओं पर मिलीभगत के आरोप लगे। पुलिस का दावा कि एक साल में गोकशी के 35 आरोपी मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुए जिन्हें जेल भेजा गया, लेकिन पुलिस की फौरी मुठभेड़ के बावजूद गोकशी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षित नहीं सड़क पर घूमने वाले गोवंश
सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद सड़क पर घूमने वाले गोवंश सुरक्षित नहीं है। गली मोहल्ले, कॉलोनी या फिर सड़क पर घूमते गोवंश को तस्कर उठाकर ले जाते हैं, जिनका कटान करने की कई घटनाएं सामने आईं हैं। गंगानगर, शास्त्रीनगर और साकेत जैसे पॉश इलाके से भी गोवंश अगवा किए जाते हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस इस पर चुप्पी साध लेती है क्योंकि लिखित में कोई इसकी शिकायत करने को तैयार नहीं होता है।

कई घटनाओं का खुलासा नहीं
मुंडाली के अलावा परतापुर थाना क्षेत्र में बिजली बंबा बाईपास पर गोवंश के अवशेष मिले, लिसाड़ी गेट क्षेत्र में एक माह में गोकशी की चार घटनाओं समेत एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं दर्ज हैं। गोकशी के विरोध में बजरंग दल व योगी सेना ने कई बार सड़क से थाने तक हंगामा किया। इसके बावजूद इन घटनाओं का पुलिस खुलासा नहीं कर पाई।

मेरठ जोन का आंकड़ा (एक जनवरी से 30 नवंबर तक)
जिला          गोकशी    नामजद
मेरठ            63           151
गाजियाबाद     01             04
बुलंदशहर       20             63
बागपत          16             39
हापुड़            01             08
सहारनपुर      18                52
मुजफ्फरनगर  12                45
शामली          08              21

जहां गोकशी वहां ज्यादा कार्रवाई
एडीजी जोन राजीव सभरवाल का कहना है कि गोकशी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। गोकशी करने वालों पर गुंडा और गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा रहा है। गोकशी की घटना जिस जिले में ज्यादा है, वहां कार्रवाई भी ज्यादा हुई है। मुठभेड़ में कई गोतस्करों को गोली लगी है।
 
सर्दी व कोहरे में कटान करने वाले सक्रिय
मेरठ। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में पशु कटान पर पूरी तरह से पाबंदी है। लेकिन कटान करने वाले बाज नही आ रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही सुबह घना कोहरा होने के कारण पुलिस सक्रिय नहीं रहती है, ऐसे में कटान करने वाले सक्रिय हो गए हैं। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट प्रशांत कपिल का कहना है कि ऐसा मामला जानकारी है। जल्द ही अभियान चलाकर आरोपियों को पकड़ा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed