यूपी: सेहत के लिए अधिक अच्छे हैं बतख के अंडे, खास रिपोर्ट जानिए क्या हैं फायदें
बतख के अंडे मुर्गी के अंडे से भी फायदेमंद होते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बतख के अंडे न्यूट्रीशन का सीधे स्त्रोत हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, ओमेगा-3 फेटी एसिड होता है। इसमें विटामिन-बी12 और डी की मात्रा भी अधिक होती है।
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अक्सर कहा जाता है कि संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे। वास्तव में अंडे सेहत के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। ज्यादातर लोग मुर्गी के अंडे ही खाते हैं, लेकिन इससे भी कहीं बेहतर बतख के अंडे माने जाते हैं। मेरठ जिले में दो फार्मों पर बतख का पालन किया जा रहा है। इन्हें खाने से अधिक स्फूर्ति आती है। इन फार्मों से बतख के अंडों को दिल्ली भेजा जा रहा है। कोरोना काल में इनकी मांग और मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई। इसके बावजूद भी पशुपालन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है। वह सिर्फ मुर्गी पालन तक ही सीमित रह गया है।
मेरठ में गांव बिजौली और हस्तिनापुर में बतख पालन किया जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बतख के अंडे न्यूट्रीशन का सीधे स्त्रोत हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, ओमेगा-3 फेटी एसिड होता है। इसमें विटामिन-बी12 और डी की मात्रा भी अधिक होती है। इस अंडे के उपयोग से दिल की बीमारी से निजात मिलती है। वहीं, डिप्रेशन को दूर करने के लिए भी अंडे का प्रयोग किया जाना लाभदायक है।
दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड तक हो रही आपूर्ति
बिजौली गांव में वर्ष-2020 में संजय त्यागी और हिमांशु त्यागी ने छह लाख रुपये की लागत से कार्य शुरू किया। एक दिन में 600 अंडे तैयार होते हैं। उनके पास एक हजार मादा और 200 नर हैं। उनके अंडों की आपूर्ति दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड में की जा रही है। वहीं, कई गांववासी भी उनके इस कार्य को देखकर शुरू करने की योजना बना रहे हैं। एक अंडे की कीमत 13 रुपये है। उनके इस कार्य को दिग्विजय त्यागी, विमल, धीरज त्यागी, सचिन त्यागी आदि ने सराहा है।
एक बतख के खाने का खर्च महज दो रुपये
वहीं, हस्तिनापुर के फॉर्म हाउस पर भी बतख पालन किया जा रहा है। मनोज चौधरी ने दो वर्ष पहले कार्य को शुरू किया। उन्होंने बताया कि मेरठ में सिर्फ दो स्थानों पर ही ये कार्य किया जाता है। उनका अंडे का प्रतिदिन का उत्पादन 450 अंडे का है। हालांकि, दो से चार दिन में ये अंडा दिल्ली भेजा जाता है। वहीं, एक बतख को खिलाने का खर्च भी महज दो रुपये है। बतख को गेहूं या कोई अनाज खिलाया जाता है।
जलीय जीव और कीड़े खाने के कारण बतख के अंडे ज्यादा न्यूट्रीशन होता है। बतख के अंडों का सेल ज्यादा मोटा होता है। इसलिए वह ज्यादा दिन तक खराब नहीं होते हैं। एल्ब्यूमिन यानि सफेद भाग ज्यादा होता है। इसलिए इसे केक पदार्थों के लिए ज्याद ठीक माना जाता है। इसका अंडा लगभग 70 ग्राम के आसपास होता है। - डॉ.नीरज कुमार, विभागाध्यक्ष, जूलॉजी विभाग, मेरठ कॉलेज
हमें बतख पालन की जानकारी नहीं है। अगर जिले में ऐसा हो रहा है तो आंकड़ा तैयार कराया जाएगा। ये तो पहली बार मेरे संज्ञान में आया है। इसके लिए पशु चिकित्साधिकारियों को आंकड़े जुटाने के लिए बोला गया है। - अनिल कंसल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मेरठ