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Meerut News: पहली और दूसरी डोज में आगे, एहतियाती खुराक में पिछड़ा मेरठ

Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
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Meerut ahead in first and second dose, backward in precautionary dose
महज 35.97 प्रतिशत ने ही ली है तीसरी खुराक, टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कराना बड़ी चुनौती
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कोरोना का फिर से खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में टीकाकरण कराना जरूरी है। पहली और दूसरी डोज लगवाने में तो मेरठ के लोग आगे हैं, लेकिन प्रिकॉशन डोज (एहतियाती खुराक) लेने में पिछड़े हुए हैं। पहली डोज लक्ष्य से भी ज्यादा 102.31 प्रतिशत लोगों ने ली है, जबकि दूसरी डोज 93.63 प्रतिशत लोगों ली। प्रिकॉशन डोज सिर्फ 35.97 ने ही ली है। प्रिकॉशन डोज लगवाने में लोगों की दिलचस्पी कम रही है।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगवाया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर भी अभियान चलाया गया। शुरू में 18 साल से 60 और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को टीके लगाए गए, लेकिन दूसरी लहर में संक्रमण अधिक होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 12 से 14 साल और 15 से 17 साल तक के किशोरों को भी टीके लगाए गए। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाए गए। इसमें सभी को टीके के प्रति जागरूक करने के साथ ही टीका भी लगाया गया।
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जिले में टीकाकरण की स्थिति
टीकाकरण लक्ष्य पहली डोज दूसरी डोज
29,50,300 30,18,317 27,62,315
टीकाकरण लक्ष्य तीसरी डोज
20,84,961 7,50,039
अस्पतालों में सक्रिय की जाएगी हेल्प डेस्क, होगी थर्मल स्क्रीनिंग
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट का अगर प्रभाव बढ़ा तो जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड हेल्प डेस्क सक्रिय की जाएगी। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके अलावा ओपीडी, इमरजेंसी में मास्क लगाना जरूरी हो गया है।
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कोरोना पॉजिटिव बच्चों के इलाज के लिए रिमोट वाले बेड, दीवारों पर कार्टून
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव बच्चों इलाज के लिए बनाए गए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) को खास बनाया गया है, ताकि बच्चों को परेशानी न हो। इसमें रिमोट से कंट्रोल होने वाले बेड हैं और यूनिट के बाहर दीवारों पर कार्टून बनाए हुए हैं।
पीआईसीयू में 100 बेड है। यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के इंचार्ज डॉक्टर नवरत्न गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के हालात पैदा होते हैं, तो मेडिकल कॉलेज में बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि एक-दूसरे को छूने से भी संक्रमण विस्तार लेता है। वेंटिलेटर सहित अन्य बेड पर जो मरीज रहते हैं, उनके मूवमेंट को लेकर काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में रिमोट वाले बेड कारगर साबित होंगे।

417 लोगों की जांच, कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला
मेरठ। जिले में बृहस्पतिवार को 417 लोगों की जांच की गई, जिनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस कोई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच के सैंपल बढ़ाने की बात कही थी, हालांकि अभी तक सैंपल नहीं बढ़ाए हैं। ब्यूरो
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