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मुल्जिमों की तलाश में छूट रहे अफसरों के पसीने, डीजीपी ने पत्र भेजकर मांगा जवाब, मची खलबली

Tue, 20 Nov 2018 03:20 PM IST
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 20 Nov 2018 03:20 PM IST
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Meerut, 2640 criminal is absconding from District Jail and DGP has sought response from police
यूपी पुलिस

यूपी में मेरठ जिला जेल से दस महीने में जमानत पर छूटे 2640 मुल्जिमों को तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस की जांच में 55 फीसदी से ज्यादा मुल्जिम अपने घरों से गायब हैं। बाकी अपने रिश्तेदार या फिर परिचित के यहां पहुंच गए। 40 फीसदी इन मुल्जिमों के खिलाफ पुलिस गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में लगी है। 

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डीजीपी ओपी सिंह ने पत्र भेजकर मेरठ पुलिस से जवाब मांगा कि गायब मुल्जिम कहां हैं, जिसके बाद से पुलिस में खलबली मची है। एसएसपी ने थानेदारों को एक सप्ताह में शातिर मुल्जिमों को तलाश कर जेल भेजने और अन्य मुल्जिमों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। 
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पुलिस का दावा है कि 2640 में से 728 मुल्जिम ऐसे हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड बड़ा है। भाडे़ पर हत्या करना और लूट की वारदात करना उनका पेशा है। पुलिस के पास आरोपियों का डोजियर भी है। पुलिस का मानना है कि यह अपराधी बाहर रहेंगे तो अपराध होना तय है। कई जिलों में इनके खिलाफ केस दर्ज हैं।

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एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को लगाया

एसएसपी अखिलेश कुमार ने थानेदारों को इन अपराधियों की सूची भेजी है। शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच टीम भी लगाई गई। गायब अपराधियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही है। थानेदारों ने गायब हुए मुल्जिमों के परिजनों से पूछताछ की। जिसमें कई परिवार वालों ने कहा कि जेल जाने के बाद से उनका संपर्क नहीं हुआ। 

लिसाड़ीगेट, कंकरखेड़ा में सबसे ज्यादा  

पुलिस ने बताया कि लिसाड़ीगेट व कंकरखेड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा अपराधी रहते हैं। इन थानाक्षेत्रों में क्राइम का ग्राफ भी सबसे ज्यादा है। जबकि रेलवे रोड और सिविल लाइन में सबसे कम अपराधी रहते हैं। जेल से छूटे अपराधी भी इन थानाक्षेत्र में सबसे ज्यादा संख्या है। लिसाड़ी गेट में 330, कंकरखेड़ा में 199, सरधना में 174, किठौर 147, ब्रह्मपुरी में 138 और सरूरपुर में 121 अपराधी जेल से छूटे हैं।  
 
टांग का जख्म ठीक होते ही बाहर 

लिसाड़ीगेट और परतापुर पुलिस बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पकड़ रही है। लिसाड़ीगेट के सलमान, इमरान, सरताज, आस मोहम्मद, नौशाद समेत 30 अपराधियों को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी। जिसके बाद उनको जेल भेजा। लेकिन घटना होने का सुबूत नहीं दर्शाया गया। जिसके चलते एक-दो महीने ही जेल में यह अपराधी रुके। पैर का जख्म ठीक होने से पहले उनकी जमानत हो गई।

कहां से कितने अपराधी छूटे
 शहर क्षेत्र 
 थाना     संख्या
 कोतवाली     43
 देहलीगेट     50
 लिसाड़ीगेट    330 
 ब्रह्मपुरी     138
 परतापुर     97
 टीपीनगर     100
 रेलवे रोड     20 
 सदर बाजार     29 
 लालकुर्ती     28 
 सिविल लाइन     28 
 नौचंदी     38 
 मेडिकल     69 
 कंकरखेड़ा     199 
 दौराला     42 
 पल्लवपुरम    31
 देहात क्षेत्र
 थाना     संख्या 
 इंचौली     101 
 गंगानगर     22 
 भावनपुर     122 
 सरधना     174 
 बहसूमा     53 
 मुंडाली     88 
 मवाना     102 
 हस्तिनापुर     46 
 परीक्षितगढ़    64 
 सरूरपुर    121 
 जानी     117 
 रोहटा     45 
 किठौर    147 
 खरखौदा     119 
 फलावदा     78 

सुबूतों के अभाव में छूटे मुल्जिम 

सीनियर अधिवक्ता मांगेराम का कहना है कि सुबूतों के अभाव में इतनी संख्या में मुल्जिम जेल से छूटे है। पुलिस आनन फानन में मुल्जिम को जेल भेज देती है, लेकिन कोई मजबूत साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर पाती। उसके चलते पहले ही पायदान में मुकदमा धड़ाम हो जाता है। आरोपी को आसानी से जमानत भी मिल जाती है।

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