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मेरठ: मियाद खत्म फिर भी सड़कों पर दौड़ रहे 1.5 लाख वाहन, वाहन मालिकों ने नहीं ली एनओसी

Fri, 25 Feb 2022 11:10 AM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 25 Feb 2022 11:10 AM IST
सार

नोटिस के बावजूद एनसीआर के बाहर स्थानांतरण के लिए वाहन मालिकों ने एनओसी नहीं ली। 
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि मेरठ समेत प्रदेश भर में वाहन कबाड़ केंद्र खोले जाएंगे। यहां पर वाहन मालिक अपने निष्प्रयोज्य वाहनों को सौंपकर प्रमाणपत्र ले सकेंगे। कबाड़ केंद्र में वाहनों की उचित कीमत दी जाएगी।

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Meerut: 1.5 lakh vehicles still running on the roads, vehicle owners did not take NOC
pollution in Meerut - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ जिले में करीब 1.5 लाख वाहन ऐसे हैं जिनकी मियाद खत्म हो चुकी है। नियमानुसार अब ये वाहन या तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बाहर स्थानांतिरत हों या फिर स्क्रैप किए जाएं। आरटीओ ने वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर इनका प्रकाशन भी करा दिया, लेकिन सिर्फ 10 हजार लोगों ने ही दूसरे जिलों में पंजीकरण कराने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया है।

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केंद्र सरकार ने 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को फिटनेस के आधार पर संचालित कराने की अनुमति दिए जाने का आदेश दिया है। लेकिन यह प्रदेश के उन जिलों पर लागू नहीं होगा जो एनसीआर में शामिल हैं। एनसीआर में पहले से ही एनजीटी का आदेश लागू है। 
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इस आदेश के अनुसार 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल और सीएनजी वाहनों को एनसीआर के जिलों में नहीं चलाया जा सकता। ऐसे वाहन स्वामी एनसीआर के बाहर के जिलों में पंजीकरण करा वहां वाहन चला सकते हैं। अगर ऐसे वाहन एनसीआर की सड़कों पर चलते मिले तो इन्हें जब्त कर कटान के लिए भेज दिया जाएगा। 
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कंकरखेड़ा निवासी सौरव राठी की एसयूवी 10 वर्ष पुरानी हो चुकी है। आरटीओ से इन्हें वाहन एनसीआर के जिलों में न चलाने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है। 

गंगानगर निवासी जय कुमार की पेट्रोल चालित सेंट्रो कार 15 साल पूरी कर चुकी है। नोटिस के बावजूद इन्होंने कोई जवाब आरटीओ को नहीं दिया है। वाहन स्क्रैप भी नहीं हुआ है।

खुलेंगे वाहन कबाड़ केंद्र
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि मेरठ समेत प्रदेश भर में वाहन कबाड़ केंद्र खोले जाएंगे। यहां पर वाहन मालिक अपने निष्प्रयोज्य वाहनों को सौंपकर प्रमाणपत्र ले सकेंगे। कबाड़ केंद्र में वाहनों की उचित कीमत दी जाएगी।

नया वाहन खरीदने पर मिलेगी 5 फीसदी छूट
कबाड़ हो चुके वाहन की कुल कीमत का छह फीसदी नकद धनराशि मिलेगी। इसके साथ ही एक प्रमाणपत्र भी मिलेगा, जिसे दिखाकर वाहन खरीद पर टैक्स में पांच फीसदी की छूट मिलेगी।

84264    :      जिले में पंजीकृत कुल डीजल वाहन।
24354    :     10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन।
835317    :    जिले में पंजीकृत कुल पेट्रोल वाहन।
134237    :     15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन।
27980     :       जिले में पंजीकृत कुल सीएनजी वाहन।
2440       :     15 साल से अधिक पुराने सीएनजी वाहन।
947543    :     जिले में कुल ऑनरोड वाहन।
161031    :     जिले में कुल प्रतिबंधित वाहन।

एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित किए गए हैं। जनपद में इन प्रतिबंधित वाहनों की संख्या 1.61 लाख से ज्यादा हो चुकी है। वाहन स्वामियों को एनओसी के लिए एक नोटिस भेजा जा चुका है। एक नोटिस और भेजा जाना है। इसके बाद वाहन लिया जाएगा। -हिमेश तिवारी, आरटीओ, मेरठ

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