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Shamli: चिकित्साधीक्षक ने वायरल वीडियो को बताया फेक, कहा-तनाव में था, किसी ने अनजाने में रिकॉर्ड कर लिया

Thu, 30 Oct 2025 12:19 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Thu, 30 Oct 2025 12:19 PM IST
सार

शामली सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार का वायरल वीडियो विवाद में है। डॉक्टर ने कहा कि वीडियो फेक है और तनाव में होने के दौरान अनजाने में रिकॉर्ड किया गया था। हाल ही में उनके कैंप कार्यालय से साढ़े पांच लाख की चोरी हुई थी।

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Medical Superintendent claims viral encounter remark video is fake, says recorded unknowingly
चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। दरअसल उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वीडियो वायरल होते ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया। 

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चोरी का खुलासा न होने से थे नाराज
बीते 11 दिन पहले उनके कैंप कार्यालय से साढ़े पांच लाख रुपये की चोरी हो गई थी। इस मामले में शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस अभी तक घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। चोरी की जांच में प्रगति न होने से नाराज होकर बुधवार को सीएचसी के चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी बंद कर एक घंटे का प्रतीकात्मक धरना शहर कोतवाली गेट पर दिया था।

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धरने पर बैठे, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धरने के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें चिकित्साधीक्षक डॉ. दीपक कुमार पुलिस की मुठभेड़ कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते दिख रहे हैं।

वीडियो में डॉक्टर कथित रूप से यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि पुलिस मुलजिम को 20 गोली मारकर लाती है और अधिकारियों के दबाव में एक गोली लिखवाई जाती है। यह बयान तेजी से वायरल हुआ और चर्चा का विषय बन गया।

वीडियो सामने आने के बाद पूरे जिले में यह बहस छिड़ गई कि क्या डॉक्टर ने वास्तव में पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, या बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है? इसी बीच डॉक्टर का दूसरा वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि पहला वायरल वीडियो फेक है और उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड किया गया।

डॉ. दीपक ने कहा- मैं कुछ समय से तनाव में हूं और मेरा इलाज चल रहा है। किसी ने अनजाने में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। 2025 के किसी भी पुलिस एनकाउंटर के पोस्टमार्टम में मैंने भाग नहीं लिया है। वायरल वीडियो से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। 

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डॉक्टर का कहना है कि चोरी की घटना और लगातार दबाव के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं। इस कारण जो बातें उनसे अनजाने में निकल गईं, उन्हें गलत संदर्भ में वायरल कर दिया गया। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी प्रकरण की जांच जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

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