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Meerut News: कंपनी के नहीं, मेडिकल कॉलेज के होंगे सुपरवाइजर
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कंपनी के नहीं, मेडिकल कॉलेज के होंगे सुपरवाइजर
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में अब निजी कंपनी के कर्मचारी नहीं बल्कि मेडिकल का स्टाफ सुपरवाइजर का काम करेगा। अभी तक कंपनी कर्मचारी ही सुपरवाइजर का काम देखते थे।
प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि जीत सिक्योरिटी सर्विसेज, प्रयागराज के कार्यालय में एचआर मैंनेजर के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, आरोप है कि कार्यरत सुपरवाइजरों द्वारा कार्यालय के गोपनीय दस्तावेज वाइरल करने का कार्य, कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से एमएल व सीएल स्वीकृति के नाम पर धन वसूली का कार्य, मनपसन्द पोस्ट पर ड्यूटी देने के लिये धन वसूली का कार्य व कर्मचारियों को गुमराह करके हड़ताल कराने आदि आरोप हैं। लिहाजा तत्काल प्रभाव से सभी सुपरवाइजरों व स्टाफ को उनके मूल पद पर वापस कर दिया गया है। साथ ही आवश्यक दस्तावेज, उपस्थिति रजिस्टर, चाभियां आपके कार्यालय में जमा करा दिया गया है। हालांकि सुपरवाइजर पूर्व की भांति स्टाफ के तौर पर कार्य करते रहेंगे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में अब निजी कंपनी के कर्मचारी नहीं बल्कि मेडिकल का स्टाफ सुपरवाइजर का काम करेगा। अभी तक कंपनी कर्मचारी ही सुपरवाइजर का काम देखते थे।
प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि जीत सिक्योरिटी सर्विसेज, प्रयागराज के कार्यालय में एचआर मैंनेजर के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, आरोप है कि कार्यरत सुपरवाइजरों द्वारा कार्यालय के गोपनीय दस्तावेज वाइरल करने का कार्य, कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से एमएल व सीएल स्वीकृति के नाम पर धन वसूली का कार्य, मनपसन्द पोस्ट पर ड्यूटी देने के लिये धन वसूली का कार्य व कर्मचारियों को गुमराह करके हड़ताल कराने आदि आरोप हैं। लिहाजा तत्काल प्रभाव से सभी सुपरवाइजरों व स्टाफ को उनके मूल पद पर वापस कर दिया गया है। साथ ही आवश्यक दस्तावेज, उपस्थिति रजिस्टर, चाभियां आपके कार्यालय में जमा करा दिया गया है। हालांकि सुपरवाइजर पूर्व की भांति स्टाफ के तौर पर कार्य करते रहेंगे।
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