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Meerut: मेडा की महिला क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ अरेस्ट, बिना चढ़ावे के नहीं खिसकती फाइल, कई अफसर जा चुके जेल

Sun, 02 Jul 2023 02:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sun, 02 Jul 2023 02:52 AM IST
सार

Meerut News : मेडा की महिला क्लर्क को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भी कई अधिकारी रिश्वत के मामले में जेल जा चुके हैं।

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Meda's female clerk arrested for taking bribe of five thousand
महिला क्लर्क का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में एंटी करप्शन की टीम ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में महिला क्लर्क अनीता शर्मा को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। महिला क्लर्क ने प्लाट नामांतरण कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है।

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परतापुर के जुर्रानपुर गांव के रहने वाले अधिवक्ता राहुल भड़ाना ने 28 जून को एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी। इसमें बताया कि उनकी मां शीशवती ने लोहिया नगर में महक सिंह से प्लाट खरीदा था। अब उस प्लाट का नामांतरण कराना चाहती हैं। इसके लिए मेडा में सभी प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

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इसके लिए 14 जून को उससे मेडा कार्यालय में क्लर्क अनीता शर्मा ने फाइल आगे भेजने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। साथ ही कहा कि यदि एक जुलाई तक रिश्वत नहीं दी तो फाइल को निरस्त कर देगी। शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने जांच की तो पता चला कि गंगानगर निवासी अनीता शर्मा भ्रष्ट क्लर्क है, जो बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करती।

इसके बाद इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के आदेश पर टीम तैयार की गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता राहुल भड़ाना को 500-500 के दस नोट दिए गए, जिन पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया। शिकायतकर्ता के क्लर्क को रिश्वत देते ही टीम ने अनीता शर्मा को रंगेहाथ पकड़ लिया। महिला क्लर्क के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो के निरीक्षक रणजीत राय की तरफ से सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

मेडा में बिना चढ़ावे के नहीं खिसकती फाइल, कई अफसर जा चुके जेल

मेरठ में शनिवार को पकड़ा गया मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में भ्रष्टाचार का खेल पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी कई अफसर भ्रष्टाचार में पकड़े गए हैं। यहां आलम यह है कि बिना चढ़ावे के फाइल आगे नहीं खिसकती। बाबुओं का खेल ऐसा है कि अगर किसी ने ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर काम कराना चाहा तो बाबू फाइल को अलमारी में ऐसा दबा देते हैं कि ढूंढे नहीं मिलती। सूत्रों के मुताबिक अवैध उगाही और सेटिंग का खेल मेडा में शाम चार बजे के बाद शुरू होता है।

इससे पहले 12 अगस्त 2017 में तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने भ्रष्टाचार के मामले में मेडा के एक्सईएन, एई और जेई को अपने ऑफिस में बुलाकर जेल भेज दिया था। मामला सपा सरकार के समय में बनाए गए साइकिल ट्रैक पर तार बिछाने में हुए खेल का था।

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इसके अलावा गंगानगर योजना के 20 लाख रुपये से अधिक की आवंटियों से वसूली कर मेट डालचंद फरार हो गया था। तीन साल पहले तत्कालीन उपाध्यक्ष राजेश पांडेय ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। शनिवार को रिश्वत लेने में अनीता शर्मा की गिरफ्तारी के बाद लोग मेडा में हो रही उगाही पर खुलकर बोलते नजर आए।

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लोगों का कहना है कि मानचित्र स्वीकृति के नाम पर भी कर्मचारी जबरन आपत्तियां लगाकर वसूली करते हैं। शाम को चार बजे के बाद डीलिंग होती है। अवैध निर्माण करने वाले और दलाल संबंधित कर्मचारी से मिलकर डील करते हैं।

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