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Meerut News: पीएल शर्मा रोड पर मेडा ने 10 कोचिंग सेंटर पर सील लगाई
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मेरठ। शहर में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने बुधवार को फिर कार्रवाई की। प्रवर्तन टीम ने लालकुर्ती पुलिस के सहयोग से पीएल शर्मा रोड स्थित 10 कोचिंग सेंटरों पर सीलिंग की कार्रवाई की। अचानक शुरू हुई कार्रवाई से अन्य कोचिंग संचालकों में अफरातफरी का माहौल रहा।
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन ने मेरठ में कोचिंग सेंटरों की जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में लंबे समय से आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर कमियां दूर करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया था लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक अनुपालन नहीं किया गया। इसके बाद बुधवार को सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।
बुधवार सुबह मेडा की प्रवर्तन टीम पुलिस बल के साथ पीएल शर्मा रोड पहुंची और चिन्हित संस्थानों को खाली कराकर एक-एक कर उनके मुख्य प्रवेश द्वार सील कर दिए। कार्रवाई के दौरान कुछ संचालकों ने अधिकारियों से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भी किया लेकिन टीम ने स्पष्ट कर दिया कि छात्रों की सुरक्षा और कानून के पालन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी, भवन मानचित्र की स्वीकृति, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था की जांच के दौरान कई जगह गंभीर कमियां मिली थीं। इन्हीं खामियों के आधार पर कार्रवाई की गई।
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इन संस्थानों को किया सील
प्रोब, आदर क्लासेज, अशोका डिफेंस एकेडमी, मावी एकेडमी, बायोकेम कॉन्सेप्ट सेंटर, संजीवनी क्लासेज व अन्य चिह्नित संस्थान
अब तक 37 कोचिंग सेंटर सील, 60 से ज्यादा को दिया जा चुका नोटिस
लखनऊ अग्निकांड के बाद शुरू हुए अभियान में मेरठ में अब तक 37 कोचिंग सेंटर सील किए जा चुके हैं, जबकि करीब 60 से ज्यादा को नोटिस दिया जा चुका। मेडा के अलावा दमकल और शिक्षा विभाग की टीम भी लगातार अभियान चला रही है।
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कोचिंग संचालकों ने डीएम से लगाई गुहार, सीलिंग पर रोक और कार्यालय खोलने की मांग
दो माह का समय देने की मांग, बोले- विरोधाभासी नियमों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जनपद के कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कोचिंग संस्थानों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और शैक्षणिक कार्यों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति देने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि विभिन्न विभागों के परस्पर विरोधी नियमों और प्रक्रियाओं के कारण कोचिंग संस्थान गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं जिसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में राहुल और विपिन ने मांग की कि जब तक कोचिंग संस्थानों के लिए स्पष्ट और एकरूप नीति लागू नहीं हो जाती तब तक सीलिंग एवं अन्य कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही संस्थानों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए कम से कम दो माह का समय दिया जाए ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से की जा सकें।
संचालकों ने यह भी मांग की कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए संस्थानों को कार्यालय खोलकर प्रवेश, फीस, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक कार्य करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन ने मेरठ में कोचिंग सेंटरों की जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में लंबे समय से आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर कमियां दूर करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया था लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक अनुपालन नहीं किया गया। इसके बाद बुधवार को सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।
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बुधवार सुबह मेडा की प्रवर्तन टीम पुलिस बल के साथ पीएल शर्मा रोड पहुंची और चिन्हित संस्थानों को खाली कराकर एक-एक कर उनके मुख्य प्रवेश द्वार सील कर दिए। कार्रवाई के दौरान कुछ संचालकों ने अधिकारियों से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भी किया लेकिन टीम ने स्पष्ट कर दिया कि छात्रों की सुरक्षा और कानून के पालन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी, भवन मानचित्र की स्वीकृति, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था की जांच के दौरान कई जगह गंभीर कमियां मिली थीं। इन्हीं खामियों के आधार पर कार्रवाई की गई।
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प्रोब, आदर क्लासेज, अशोका डिफेंस एकेडमी, मावी एकेडमी, बायोकेम कॉन्सेप्ट सेंटर, संजीवनी क्लासेज व अन्य चिह्नित संस्थान
अब तक 37 कोचिंग सेंटर सील, 60 से ज्यादा को दिया जा चुका नोटिस
लखनऊ अग्निकांड के बाद शुरू हुए अभियान में मेरठ में अब तक 37 कोचिंग सेंटर सील किए जा चुके हैं, जबकि करीब 60 से ज्यादा को नोटिस दिया जा चुका। मेडा के अलावा दमकल और शिक्षा विभाग की टीम भी लगातार अभियान चला रही है।
कोचिंग संचालकों ने डीएम से लगाई गुहार, सीलिंग पर रोक और कार्यालय खोलने की मांग
दो माह का समय देने की मांग, बोले- विरोधाभासी नियमों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जनपद के कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कोचिंग संस्थानों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और शैक्षणिक कार्यों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति देने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि विभिन्न विभागों के परस्पर विरोधी नियमों और प्रक्रियाओं के कारण कोचिंग संस्थान गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं जिसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
ज्ञापन में राहुल और विपिन ने मांग की कि जब तक कोचिंग संस्थानों के लिए स्पष्ट और एकरूप नीति लागू नहीं हो जाती तब तक सीलिंग एवं अन्य कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही संस्थानों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए कम से कम दो माह का समय दिया जाए ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से की जा सकें।
संचालकों ने यह भी मांग की कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए संस्थानों को कार्यालय खोलकर प्रवेश, फीस, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक कार्य करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।