Meerut News: एमडीए जल्द बेचेगा 1079 फ्लैट, 10 फीसदी तक मिलेगी छूट
मेरठ विकास प्राधिकरण जल्द ही खाली पड़ी संपत्तियां बेचेगा। इससे जहां एमडीए की तिजोरी भरेगी तो आम लोगों को भी फायदा होगा। एमडीए ने संपत्तियों के दाम घटाकर बेचने की कार्ययोजना तैयार की है।
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मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की खाली पड़ी संपत्तियां गुलजार होने वाली हैं। इससे एमडीए की तिजोरी भरेगी और लोगों को भी फायदा होगा। एमडीए ने अपने फ्लैट और अन्य संपत्तियों के दाम घटाकर बेचने की कार्ययोजना तैयार की है। एक आवास पर दस प्रतिशत तक की छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बोर्ड बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के इन फ्लैट्स की कीमत करीब 22 करोड़ रुपये है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवास दिए जाएंगे।
एमडीए बड़ी आवासीय योजनाओं में श्रद्धापुरी फेस-एक, श्रद्धापुरी फेस-दो, पल्लवपुरम, सैनिक विहार, रक्षापुरम, गंगानगर, शताब्दी नगर, लोहिया नगर हैं। इनमें हजारों की संख्या में परिवार रह रहे हैं। इन योजनाओं में ईडब्ल्यूएस, दो और तीन कमरे के करीब 1079 फ्लैट्स हैं, जो तमाम प्रयास के बावजूद एमडीए अपनी संपत्ति बेचने में सफल नहीं हो पाया। खाली पड़े ये फ्लैट्स धीरे-धीरे रखरखाव के अभाव में जर्जर हो गए।
इन फ्लैट्स की बनाई सूची
पल्लवपुरम फेस-2 पॉकेट-एल में 2 दुर्बल आय वर्ग के
श्रद्धापुरी फेस-प्रथम सेक्टर-सात में 12 अल्प आय वर्ग के
श्रद्धापुरी फेस-द्वितीय पॉकेट ई में 14 अल्प आय वर्ग के
रक्षाग्रीन (रक्षापुरम-प्रथम) सेक्टर-तीन में 56 मध्यम आय वर्ग के
शताब्दी नगर एयरपोर्ट एन्क्लेव पॉकेट-डी में 9, पॉकेट-ई में 12, पॉकेट ए-में 127 पॉकेट बी 115 मध्यम आय वर्ग के
शताब्दी नगर एयरपोर्ट एन्क्लेव पॉकेट-सी में 104 दुर्बल आय वर्ग तथा बी/ए में एक उच्च आय वर्ग के
लोहिया नगर पॉकेट-सी में 81 अल्प आय वर्ग के
लोहिया नगर पॉकेट सी/पी में 424 अल्प व दुर्बल आय वर्ग के
लोहिया नगर पॉकेट एम में 49 अल्प आय वर्ग के
सैनिक विहार पॉकेट-बी में 32
गंगा नगर पॉकेट जे-38 अल्प आय वर्ग, गंगा नगर पॉकेट-एच छह दुर्बल आय वर्ग के
नोट - फ्लैट्स की संख्या एमडीए से ली गई है।
कई फ्लैट्स के रेट होंगे 10 फीसदी तक कम
जिन फ्लैट्स को थोड़ी मरम्मत या सुंदरीकरण से आकर्षित बनाया जा सकता है, उनको एमडीए स्वयं करेगा। इन फ्लैट्स की रेट में मामूली बढ़ोत्तरी हो सकती है। जिन फ्लैट्स की हालत सुधारने में लागत ज्यादा आएगी, उन्हें करीब 10 फीसदी रेट कम करके दिया जाएगा।
खाली संपत्ति को अलोकप्रिय सूची में शामिल किया जाएगा। जल्द ही इन संपत्तियों को बेचने की रणनीति बनाई जाएगी। मरम्मत आदि की जरूरत होगी तो एमडीए खुद कराएगा। इसके बाद प्रत्येक संपत्ति की रेट का पुन:निर्धारण होगा। - अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष एमडीए
शताब्दी नगर में कम्युनिटी हॉल की जगह आएगी आवासीय योजना
एमडीए उपाध्यक्ष ने करोड़ों रुपये में निर्माणाधीन उपाध्यक्ष आवास और जर्जर कम्युनिटी हॉल की फाइल तलब की है। उन्होंने तय किया है कि जर्जर कम्युनिटी हॉल तुड़वाकर आवासीय योजना लाई जाएगी, जिसमें आसपास की जमीन को भी शामिल किया जाएगा।
एमडीए के तत्कालीन अफसरों ने बिना किसी योजना 2013 में शताब्दी नगर में 50208 वर्ग फीट एरिया में उपाध्यक्ष का बंगला बनाने की योजना बनाई। इसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये आंकी। पांच करोड़ की जमीन व तीन करोड़ रुपये लागत में खर्च हुए। साल 2015 में निर्माण शुरू हुआ, जो 2016 तक चला। बंगला में 25 कमरे और हॉल बन गया। 2017 में बजट की कमी होने पर काम रोक दिया, जो आज तक अधूरा पड़ा है। शताब्दी नगर में बना कम्युनिटी हाल जर्जर हो गया है। अब एमडीए दोनों की जमीन का भू-उपयोग बदलने की तैयारी में है।