यूपी: बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरेशी के मीट प्लांट पर कार्रवाई टली
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पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी पर एमडीए की कार्रवाई फिलहाल टल गई है। 18 दिसंबर को यहां सील लगाई जानी थी पर इससे पूर्व ही फैक्टरी संचालकों ने यह लिखकर दे दिया कि खुद ही उन्होंने फैक्टरी का संचालन बंद कर दिया है। अब जिलाधिकारी स्तर से कहा गया है कि इसकी मॉनीटरिंग करें कि वास्तव में कटान यहां बंद हुआ है या नहीं। साथ ही फैक्टरी में रखे मीट की आपूर्ति भी जल्द ही कर देने की को कहा गया है।
हापुड़ रोड गांव अलीपुर स्थित पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अलफहीम प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मीट फैक्ट्री है जिस पर मानचित्र को लेकर विवाद चल रह है। एमडीए के अनुसार उक्त फैक्ट्री 13.15 हेक्टेयर पर खड़ी है। अभिलेखों में 10.53 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक सुविधाओं वाली है। 0.544 हेक्टेयर रोड वाइंडिंग, 1.132 हेक्टेयर भूमि ग्रीन वर्ज में है।
फैक्ट्री के प्रयोग के लिए केवल 0.137 हेक्टेयर भूमि है। एमडीए की ओर से इसका मानचित्र भी स्वीकृत नहीं है। दरअसल इस बाबत दो रिवीजन फैक्ट्री संचालकों की ओर से डाले गए हैं। एक आयुक्त तो दूसरा शासन में लगा है। हालांकि यह तय है कि ग्रीन वर्ज पर बने निर्माण को तोड़ना ही होगा।
अभी तक वहां से कोई फैसला नहीं आया है। इसी के फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करने के लिए एमडीए ने डीएम एवं एसएसपी को पत्र लिखकर भारी पुलिस बल की मांग की थी। इसके लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी। पुलिस भी मिल गई थी।
किया जाएगा आकलन
फैक्ट्री में जो कटान हो चुका है और मीट स्टोर है उसे सप्लाई करने के लिए समय दिया जाएगा। इसके लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का निर्देश दिए हैं कि इसका आंकलन किया जाए। कितना मीट स्टोर है और उसे बाहर निकालने के लिए कितने दिन चाहिए।
अन्य फैक्टरियों पर भी निगाह
15 दिन पहले डीएम के आदेश पर सभी विभागों को मिलाकर चार टीम गठित की गईं। जिसमें सभी ने क्षेत्र में मौजूद फैक्टरियों की जांच के बाद रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया था। मीट फैक्टरियों को पहले ही छापेमारी की सूचना मिल चुकी थी। जिस कारण फैक्टरियां चल रही थीं।
उन्हें बंद कर सफाई करा दी थी। जिसमें जांच के लिए आई टीमों ने रिपोर्ट में सभी फर्मों का संचालन बंद बताया था। कई रैंडरिंग प्लांटों में संचालन के प्रमाण एवं भारी मात्रा में कच्चा व तैयार माल मिला था। जिसमें टीमों ने लीपापोती कर दी थीं। वहीं, काली नदी किनारे एक अवैध फैक्ट्री में भारी मात्रा में चर्बी उबलती मिली थी। उस पर चार दिन बाद भी किसी भी विभाग ने कार्रवाई नहीं की है।
इस बाबत एमडीए तथा आला प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। उधर याकूब कुरैशी के पुत्र इमरान कुरैशी ने एमडीए अधिकारियों से बात की और फिर यह लिखकर दे दिया है कि उन्होंने खुद ही फैक्ट्री बंद कर ली है। स्लाटर हाउस बंद रहेगा। इस पर कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया।
वर्ष 2015 में इस फैक्ट्री को अवैध घोषित कर इसके ध्वस्तीकरण का आदेश किया जा चुका है। इस मामले में पुलिस व प्रशासन कई बार प्रयास कर चुका है। जब-जब पुलिस एवं प्रशासन ने फैक्ट्री पर कार्रवाई का प्रयास किया। तब-तब फैक्ट्री में काफी लोग पहुंच जाते हैं तथा भारी विरोध करते हैं। पुलिस-प्रशासन इस फैक्ट्री पर कार्रवाई के लिए तैैयार नहीं होता था।
निगरानी की जाएगी
फैक्टरी संचालक ने खुद ही फैक्टरी बंद कर ली है। ऐसे में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मैने कहा है कि इसकी मॉनीटरिंग की जाए कि वास्तव में फैक्टरी बंद भी है या नहीं। एमडीए अधिकारी इस पर निगाह रखेंगे और पूरी रिपोर्ट देंगे। - अनिल ढींगरा, डीएम