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मौलाना कल्बे जव्वाद बोले- नागरिकता संशोधन कानून पर संशय को दूर करे सरकार
Thu, 02 Jan 2020 12:32 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 02 Jan 2020 12:32 AM IST
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लोगों से बात करते मौलाना कल्बे जव्वाद
- फोटो : अमर उजाला
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर केंद्र और प्रदेश सरकारों को लोगों के संशय को दूर करना चाहिए। जनता के बीच जाकर बताया जाए कि इस कानून में क्या है। सीएए के विरोध में हुई हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उन्होंने अफसोस जताया। उन्होंने मौलाना असद से मुलाकात की और सादात हॉस्टल की घटना पर चर्चा की। मृतक नूरा के घर भी पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद बुधवार को मुजफ्फरनगर में आर्य समाज रोड स्थित मदरसा हौजा-ए-इल्मिया इमाम हुसैनिया के प्रबंधक मौलाना असद से मिलने पहुंचे। उन्होंने मौलाना असद के साथ पुलिस बदसलूकी की निंदा की। मौलाना से हाल चाल जानने के बाद वह किदवईनगर स्थित हिंसा की चपेट में आकर मारे गए नूरा के परिजनों से मिले। परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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इसके बाद, पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मुस्लिम समाज में भय बना है, उसके डर को दूर किया जाना चाहिए। इस पर बने संशय को दूर करना सरकार की ड्यूटी है। कानून को बारीकी के साथ समझाया जाना चाहिए। शहर में हुए उपद्रव पर उन्होंने अफसोस जताया। हालांकि मामले में पुलिस पर कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। निर्दोषों को पीटा गया और उन्हें जेल में डाला गया है। निर्दोष लोगों को छोड़ने के लिए प्रशासन ने दो जनवरी तक का समय दे रखा है, यदि कार्रवाई नहीं की गई तो उसके बाद आंदोलन किया जाएगा। इस मामले को लेकर वह प्रदेश सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखेंगे। हिंसा में मारे गए युवक का परिवार गरीब है। मदद के लिए आवाज उठाएंगे।
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