तिहाड़ जेल में बंद मास्टरमाइंड के इशारे पर नए गैंग के बदमाशों ने बैंक में लूट को दिया था अंजाम
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दिनदहाडे़ बैंक में लूटकर पुलिस को खुली चुनौती देने वाले बदमाश पेशेवर अपराधी नहीं है। तीन बदमाश बैंक में अंदर गए और एक बदमाश बाइक पर बाहर ही बैठा रहा। गार्ड रोहित कुमार से दुनाली बंदूक और बीमा कर्मी आशीष गोयल से बैग छीनकर ले जाने वाला बदमाश सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर कोतवाली क्षेत्र निवासी आदिल ने पहचाने।
सठला गांव के दोनों बदमाश लिसाड़ीगेट में भी रहते थे। तिहाड़ जेल में बंद शातिर अपराधी के कहने पर चारों बदमाशों ने पहले बैंक की रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों की तलाश में टीपीनगर, ब्रह्मपुरी, परतापुर, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की टीम लगी है।
समर गार्डन से 10 घंटे रुके
बैंक में लूट की वारदात करने के बाद बदमाश दिल्ली रोड, बिजली बंबा बाईपास से होते नूरनगर पहुंचे थे। जहां दो सिपाही आदेश पुंडीर व सुधीर कुमार के पीछा करने पर चारों बदमाश नूरनगर अंडरपास में दोनों बाइक छोड़कर भाग गए।
एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ समेत तमाम पुलिस फोर्स बदमाशों की तलाश में जुटे रहे। पुलिस ने अनुमान लगाया कि बदमाश लिसाड़ीगेट में घुस गए हैं। इसको देखते पुलिस ने कई कॉलोनियों में सर्च किया। लेकिन बदमाशों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। जबकि बदमाश समर गार्डन में एक मकान में छुपे थे। देर रात चारों बदमाश वहां से निकलकर भाग गए। उसके बाद पुलिस उक्त मकान में पहुंची।
कई दिन रेकी के बाद वारदात
बैंक में लूट करने वाले बदमाशों की पहचान हो गई है। पुलिस ने काफी हद तक इनकी जानकारियां भी जु़टा ली हैं। बदमाशों ने कई दिन बैंक की रैकी की, उसके बाद वारदात को अंजाम दिया। जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठता है।
बदमाश रेकी करते रहे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। वारदात वाले दिन भी पीएनबी से 50 मीटर दूर तक टीपीनगर थाने के दरोगा प्रवीण कुमार पुलिस टीम को लेकर चेकिंग कर रहे थे। बदमाश बैंक में लूट करके आसानी से भाग गए और पुलिस को पता तक नहीं चला। कैसी पुलिसिंग हो रही है, इसको लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
मुखबिर के जरिये की तलाश
बदमाशों ने घटना से पहले और बाद में भी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। पुलिस की सर्विलांस टीम बदमाशों का पता लगाने में फेल साबित हो गई थी। एसएसपी और एसपी सिटी ने कई थानों की पुलिस फोर्स लगाई थी। जिन्होंने लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी और कोतवाली में मुखबिर तंत्र को तेज किया। जिन्होंने कई जगह पर मिली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर बदमाशों की पहचान कराई। उसी के आधार पर पुलिस की दबिश जारी है। शहर से देहात तक बदमाशों को तलाशा जा रहा है।