Meerut: भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत बोले- अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी मिले शहीद का दर्जा
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मेरठ के सरधना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने शुक्रवार को दबथुवा गांव में कारगिल शहीद की पुण्यतिथि पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान पर खेलने वाले वाले अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी सरकार शहीद का दर्जा देकर उनके परिजनों की हर तरह से मदद करे।
शनिवार को चौधरी नरेश टिकैत गांव दबथुवा पहुंचे। उन्होंने 27 अगस्त, 2002 को जम्मू कश्मीर में दो आतंकियों को मार गिराकर शहीद हुए लांस नायक सोहनवीर की 21वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इससे पूर्व शहीद की आत्मा की शांति के लिए हवन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ आहुति दी। मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित सोहनवीर की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए नरेश टिकैत ने कहा कि किसान का बेटा सेना में नौकरी के लिए भर्ती नहीं होता, बल्कि उसके अंदर बचपन से देश की रक्षा का जज्बा होता है।
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भाकियू अध्यक्ष को ग्रामीणों ने बताया कि शहीद सोहनवीर के परिजनों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। सरकार उनके परिजनों को सम्मान देने के साथ शहीद सोहनवीर के नाम पर स्कूल का नामकरण करे और गांव में शहीद की प्रतिमा लगवाए। कहा कि जिस तरह कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों की सरकार ने सहायता की, ठीक उसी तरह आतंकवादी या अन्य हमलों में अपने प्राण गंवाने वाले अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद का दर्जा देकर परिजनों की सहायता सरकार को करनी चाहिए।
सरकार किसानों की नहीं सुन रही, आंदोलन के लिए तैयार रहें
नरेश टिकैत ने किसानों के साथ बातचीत की और कहा कि सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। कई शुगर मिलों पर गन्ने का भुगतान बकाया है। किसान पाई पाई के लिए मोहताज है। किसानों को आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए।
किसानों से एकजुटता की अपील की। आपसी मनमुटाव दूर करने के लिए एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने के लिए कहा। कहा, अग्निवीर योजना युवाओं के लिए धोखा है। इससे युवाओं के सपनों को ठेस पहुंची है।