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Meerut News: मंडी समिति सचिव कार्यालय का होगा जीर्णोद्धार, दो माह में तैयार होगा नया भवन
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बिल्डिंग निर्माण पर खर्च होंगे 19 लाख, जलभराव के कारण जर्जर हो गया भवन
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मंडी समिति मेरठ के कार्यालय का अब जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। इस पर 19 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। कार्यालय की बिल्डिंग दो माह में बनकर तैयार हो जाएगी। लंबे समय से जलभराव की समस्या के कारण भवन जर्जर हालत में पहुंच गया था। कार्यालय को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। पिछले माह दो माह में कई हुई तेज बारिश के दौरान कार्यालय में रखा रिकॉर्ड भी पानी पर तैर गया था, जिससे सरकारी रिकॉर्ड को भी नुकसान हुआ।
दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी परिसर में मंडी समिति सचिव का कार्यालय है। कार्यालय की बिल्डिंग काफी पुरानी हो गई है। जिसकी छत और दीवारें जर्जर हो गई। छतों से लिंटर गिर रहा है। वहीं लकड़ी के दरवाजे और फर्नीचर को दीमक ने खराब कर दिया। रिकॉर्ड तक भी दीमक पहुंच गई। पिछले दिनों मंडी समिति सचिव कुलदीप सैनी ने कार्यालय की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और फल, सब्जी और गल्ला मंडी की नालियों के निर्माण के लिए प्रस्ताव संभागीय उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद मेरठ मंडल को भेजा था। जिसमें से केवल कार्यालय की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार को ही बजट जारी किया गया है। उसी बजट से निर्माण विभाग ने बिल्डिंग के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया है।
मंडी समिति सचिव कुलदीप सैनी का कहना है कि अभी केवल कार्यालय की बिल्डिंग का जीर्णोद्धार होगा। काम शुरू हो गया है। जलभराव के कारण बिल्डिंग जर्जर हो गई थी। दो माह के भीतर बिल्डिंग का स्वरूप बदल जाएगा। बरसात के समय मंडी परिसर में भारी जलभराव रहता है। मंडी की टूटी नालियों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव गया हुआ है। उम्मीद है कि शीघ्र ही नालियों के निर्माण के लिए बजट जारी होगा। इसके बाद नालियों का भी निर्माण कराया जाएगा।
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सचिव ने कहा कि नगर निगम को प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये टैक्स के रूप में दिए जाते हैं, इसके बावजूद नगर निगम मंडी में कोई विकास कार्य या फिर सफाई नहीं कराता है। मंडी के बाहर से निकलने वाले नालों की भी सफाई नहीं हो रही है।
टूटी नालियों के कारण बरसात में गल्ला मंडी में हुआ था बड़ा नुकसान
पिछले माह लगातार कई दिन तक हुई बारिश के कारण गल्ला मंडी में जलभराव हो गया था। व्यापारियों के खाद्यान्न का नुकसान हुआ था। उस समय व्यापारियों ने नाली निर्माण और सफाई कराने की मांग उठाई थी। पूरी मंडी परिसर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाना जरूरी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मंडी समिति मेरठ के कार्यालय का अब जीर्णोद्धार शुरू हो गया है। इस पर 19 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। कार्यालय की बिल्डिंग दो माह में बनकर तैयार हो जाएगी। लंबे समय से जलभराव की समस्या के कारण भवन जर्जर हालत में पहुंच गया था। कार्यालय को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। पिछले माह दो माह में कई हुई तेज बारिश के दौरान कार्यालय में रखा रिकॉर्ड भी पानी पर तैर गया था, जिससे सरकारी रिकॉर्ड को भी नुकसान हुआ।
दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी परिसर में मंडी समिति सचिव का कार्यालय है। कार्यालय की बिल्डिंग काफी पुरानी हो गई है। जिसकी छत और दीवारें जर्जर हो गई। छतों से लिंटर गिर रहा है। वहीं लकड़ी के दरवाजे और फर्नीचर को दीमक ने खराब कर दिया। रिकॉर्ड तक भी दीमक पहुंच गई। पिछले दिनों मंडी समिति सचिव कुलदीप सैनी ने कार्यालय की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और फल, सब्जी और गल्ला मंडी की नालियों के निर्माण के लिए प्रस्ताव संभागीय उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद मेरठ मंडल को भेजा था। जिसमें से केवल कार्यालय की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार को ही बजट जारी किया गया है। उसी बजट से निर्माण विभाग ने बिल्डिंग के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया है।
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मंडी समिति सचिव कुलदीप सैनी का कहना है कि अभी केवल कार्यालय की बिल्डिंग का जीर्णोद्धार होगा। काम शुरू हो गया है। जलभराव के कारण बिल्डिंग जर्जर हो गई थी। दो माह के भीतर बिल्डिंग का स्वरूप बदल जाएगा। बरसात के समय मंडी परिसर में भारी जलभराव रहता है। मंडी की टूटी नालियों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव गया हुआ है। उम्मीद है कि शीघ्र ही नालियों के निर्माण के लिए बजट जारी होगा। इसके बाद नालियों का भी निर्माण कराया जाएगा।
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सचिव ने कहा कि नगर निगम को प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये टैक्स के रूप में दिए जाते हैं, इसके बावजूद नगर निगम मंडी में कोई विकास कार्य या फिर सफाई नहीं कराता है। मंडी के बाहर से निकलने वाले नालों की भी सफाई नहीं हो रही है।
टूटी नालियों के कारण बरसात में गल्ला मंडी में हुआ था बड़ा नुकसान
पिछले माह लगातार कई दिन तक हुई बारिश के कारण गल्ला मंडी में जलभराव हो गया था। व्यापारियों के खाद्यान्न का नुकसान हुआ था। उस समय व्यापारियों ने नाली निर्माण और सफाई कराने की मांग उठाई थी। पूरी मंडी परिसर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाना जरूरी है।