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Mulayam Singh Death: चुनावी सभा करने तीन बार बिजनौर आए थे मुलायम सिंह यादव, धामपुर से था खास लगाव

Mon, 10 Oct 2022 10:23 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 10 Oct 2022 10:23 AM IST
सार

Mulayam Singh Yadav Passed Away News in Hindi: बिजनौर के धामपुर की धरती से मुलायम सिंह का बेहद लगाव था। वह एक बार नहीं बल्कि तीन बार चुनावी सभा करने के लिए धामपुर आए थे।

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Mulayam Singh Death News Former CM Mulayam Singh Yadav Came To Bijnor Three Times for Election Rally
Mulayam Singh yadav - फोटो : Amar ujala

विस्तार

प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का बिजनौर के धामपुर की धरती से बेहद लगाव रहा। मुलायम सिंह यादव का धामपुर में एक बार नहीं बल्कि तीन बार सपा में रहे प्रत्याशी मूलचंद चौहान के समर्थन में चुनावी सभा करने के लिए आना हुआ। इसके अलावा और भी कई बार जब वह जनपद में अफजलगढ़ या बिजनौर में आए। तब उनका धामपुर में नौरंगाबाद गांव में कई बार स्वागत हुआ।

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प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मूलचंद चौहान बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव का उनके और उनके परिवार से बेहद लगाव रहा है। साल 1994 से  साल 2022 तक वह हमेशा अपने प्रेम की बरसात उनके ऊपर करते रहे हैंl 1996 में जब वह समाजवादी पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़े थे, तब मुलायम सिंह यादव ने धामपुर के एम इंटर कॉलेज के मैदान में उनके समर्थन में विशाल चुनावी सभा को संबोधित किया था। उनके लिए वोट मांगे थे।
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इसके बाद वह मूलचंद चौहान के समर्थन में साल 2002 और 2007 में भी वोट मांगने के लिए धामपुर आए थे। नेताजी उन्हें बहुत प्रेम करते थे। जब 1994 में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी तो मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में बैठक बुलाई थी। वह भी उस बैठक में शामिल हुए थे।
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यह भी पढ़ें: Mulayam Singh Death: नेता जी की जुबान पर जरूर आता था मेरठ का नाम, जिसे मिलते उसे भूलते नहीं थे

मूलचंद चौहान बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव के प्रेम और स्नेह को कभी नहीं भुला सकते। उन्होंने बताया 1977 में जब जनता पार्टी बनी थी। तब मुलायम सिंह यादव प्रदेश के  सहकारिता मंत्री थे। उनका उनके पास तभी से आना-जाना शुरू हो गया था। 1993 में मुलायम सिंह यादव जनता पार्टी से अलग होकर उन्होंने 1993 में समाजवादी पार्टी बना ली थी।

मूलचंद चौहान के अनुसार जब वह एक बार चुनावी सभा के लिए मुलायम सिंह अफजलगढ़ जा रहे थे तब वह कुछ देर के लिए नौरंगाबाद रुके थे और उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मुलायम सिंह यादव का स्वागत किया था।

मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में उन्होंने समाजवादी पार्टी में पार्टी का सच्चा सिपाही बनकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्हें कार्य करने का मौका मिला। इस सौभाग्य को वह कभी नहीं भुला सकते।

मुलायम सिंह यादव के प्रेम और आशीर्वाद के कारण ही उन्होंने जनपद बिजनौर में तमाम अप्रत्याशित विकास कार्य को गति देने का काम किया। जो आज भी प्रदेश के लोगों को अन्य जनपदों की तुलना में अलग ही चमकता है।

सच्चे समाजवादी थे मुलायम सिंह यादव- विधायक तसलीम अहमद   
नजीबाबाद से समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी तसलीम अहमद ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सच्चे समाजवादी नेता थे। उनके निधन से प्रदेश ही नहीं पूरे देश की राजनीति को नुकसान पहुंचा है। राजनीति में बड़ा कद रखने वाले  मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक कुशलता का यही परिचय है कि तीन बार मुख्यमंत्री, सात बार सांसद, आठ बार विधायक रहने के साथ मुलायम सिंह यादव ने केंद्रीय मंत्री के रूप में भी देश का नेतृत्व किया।

नजीबाबाद से जुड़ी हैं नेता जी की चुनावी यादें
पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की नजीबाबाद से चुनावी यादें जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव नजीबाबाद में चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे थे। वर्ष 2002 में मास्टर राम स्वरूप सिंह के लिए उन्होंने चुनाव प्रचार किया था, जबकि 2007 में उनके बेटे राजकुमार के लिए चुनाव प्रचार के लिए मुलायम सिंह यादव नजीबाबाद सरजमीं पहुंचे थे।

मास्टर रामस्वरूप तीन बार  विधायक रहे। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मास्टर रामस्वरूप वर्ष 2002  विधानसभा चुनाव  सपा गठबंधन से प्रत्याशी रहे।कासमियां इंटर कॉलेज में उन्होंने मास्टर राम स्वरूप सिंह के पक्ष में चुनाव सभा की थी। मुलायम सिंह यादव माकपा के रामस्वरूप सिंह की सादगी और ईमानदारी हमेशा प्रभावित थे।

तीन बार विधायक रहे मास्टर रामस्वरूप सिंह की मृत्यु के बाद मुलायम सिंह ने उनके पुत्र  राजकुमार को नजीबाबाद से गठबंधन प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव के लिए उतारा था। 2007 में  चुनावी सभा करने मुलायम सिंह यादव नजीबाबाद पहुंचे लेकिन राजकुमार विजयी नहीं हो सके।

पार्टी के समर्पित सिपाही थे मुलायम सिंह यादव- सपा नेता मुनव्वर अली
नजीबाबाद के वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता मुनव्वर अली समाजवादी पार्टी संगठन से पहले से मुलायम सिंह यादव के नजदीकी रहे। मुनव्वर अली बताते हैं कि रक्षा मंत्री और सहकारिता मंत्री पद पर रहते हुए मुलायम सिंह यादव उन्हें समाजवादी पार्टी संगठन को जनपद में मजबूत रखने के लिए प्रेरित करते रहे। 

मुनव्वर बताते हैं  मुलायम सिंह  एक बार उनसे कहा था तुम जैसे युवाओं की जरूरत है लखनऊ आ जाओ। जब भी वे लखनऊ जाया करते थे मुलायम सिंह यादव नाम से उन्हें बुलाकर गले लगाया करते थे और नजीबाबाद और जिले के बारे में जानकारी लेते थे। उन्होंने कहा मुलायम सिंह के रूप में सपा  और देश की राजनीति को हुई क्षति अपूरणीय है।

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